ऑपरेशन साइबर शील्ड की बड़ी सफलता : फर्जी सिम रैकेट का पर्दाफाश, 11 आरोपी गिरफ्तार, अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला था नेटवर्क

नई पहल न्यूज़ नेटवर्क। रायपुर | छत्तीसगढ़ पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की है। रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में फर्जी सिम कार्ड जारी करने वाले गिरोह के 11 आरोपियों को राजस्थान, मध्यप्रदेश, रायपुर, दुर्ग और धमतरी से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को जांच में ऐसे 7000 से अधिक फर्जी सिम कार्ड और 590 मोबाइल नंबरों का पता चला है, जिन्हें अपराध में उपयोग किया गया और सभी को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन सिम कार्ड्स का उपयोग संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका, नेपाल और म्यांमार जैसे देशों में भी हुआ है। जिससे इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पुष्टि होती है।

जांच का तरीका और खुलासा :
जांच थाना सिविल लाइन रायपुर और सिटी कोतवाली रायपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 44/25, 129/25, 45/25 के तहत की गई। विवेचना रेंज साइबर थाना रायपुर द्वारा तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से की गई, जिसमें म्यूल अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबरों के आधार पर सिम सेवा प्रदाता कंपनियों से सूचना प्राप्त की गई। गिरफ्तार आरोपियों ने डबल थंब स्कैन, आई-ब्लिंक, और डी-केवाईसी तकनीक का दुरुपयोग कर फर्जी सिम कार्ड जारी किए, जिनका इस्तेमाल म्यूल अकाउंट ब्रोकरों व साइबर अपराधियों को बेचने के लिए किया गया। ये ग्राहक के आधार का उपयोग कर बिना उसकी जानकारी के भी अतिरिक्त सिम एक्टिव करते थे।
गिरफ्तार आरोपी :
11 गिरफ्तार अभियुक्तों में राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आरोपी शामिल हैं, जिनमें मुख्य नाम हैं :
नितेश कुमार शर्मा (राजस्थान)
पीयूष पांडे (मध्यप्रदेश)
हरविंदर भाटिया, दिलावर सिंह संधू, वैभव साहू (दुर्ग)
उदय राम यदु, आशीष कलवानी, चंदन कुमार सिंह, सचिन गिरी, अतहर नवाज (रायपुर)
सूरज मारकण्डे (धमतरी)
इन सभी के विरुद्ध आईपीसी की धाराओं 317(2), 317(4), 317(5), 111, 3(5) के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है।
प्रभाव और कार्रवाई :
यह गिरफ्तारी केवल फर्जी सिम विक्रेताओं के खिलाफ ही नहीं, बल्कि साइबर अपराधों की जड़ों तक पहुंचने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। ऑपरेशन साइबर शील्ड के अंतर्गत छत्तीसगढ़ पुलिस लगातार ऐसे गिरोहों को बेनकाब कर रही है, जो डिजिटल धोखाधड़ी, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अपराध और साइबर सुरक्षा उल्लंघन में संलिप्त हैं।


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