
कलेक्टर चंदन त्रिपाठी की अपील का दिखा असर, तस्कीन ने ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान को बनाया जीवन का संकल्प
नई पहल न्यूज़ नेटवर्क। कोरिया। “हर बूंद है कीमती, हर घर बने जिम्मेदार” मोर गांव मोर पानी महाअभियान के इसी संदेश को आत्मसात कर ग्राम पंचायत सोरगा की तस्कीन खातून ने जल संरक्षण की दिशा में एक अनुकरणीय पहल की है। कलेक्टर कोरिया चंदन त्रिपाठी द्वारा जिले में जलसंरक्षण के लिए चलाए जा रहे “आवा पानी झोंकी” अभियान से प्रेरित होकर श्रीमती तस्कीन ने अपने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने पक्के मकान में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया है — जो एक आम महिला की असाधारण सोच का उदाहरण है।

हर बूंद होगी सुरक्षित, अब छत से सीधे सोखता गड्ढे तक
तस्कीन ने अपने सीमित संसाधनों में भी छत से गिरने वाले वर्षा जल को संरक्षित करने का तरीका अपनाया। उन्होंने टूटी ईंटों और बची हुई निर्माण सामग्री का उपयोग कर सोखता पिट बनवाया और पाइप की सहायता से छत के पानी को इस गड्ढे से जोड़ दिया।
तस्कीन की सोच, पूरे क्षेत्र के लिए संदेश
हितग्राही तस्कीन ने कहा “जब तक हम सभी अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे, तब तक जल संरक्षण सिर्फ योजना बनकर रह जाएगा।” उनका यह कथन सिर्फ शब्द नहीं, एक जागरूक नागरिक की चेतना है। जो अब कोरिया जिले के अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन चुका है।
कलेक्टर की सराहना और जिले की नई पहचान
कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने इस प्रयास की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि, “सोरगा जैसे गांवों से जल संरक्षण की इस तरह की मिसालें निकलकर आना यह साबित करता है कि मोर गांव मोर पानी सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन बन रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि कोरिया जिला, राज्य में जल चेतना और सामुदायिक सहभागिता के मॉडल के रूप में उभर रहा है।
छोटा कदम, बड़ी सीख
तस्कीन का यह छोटा सा कदम, जल संरक्षण की दिशा में एक बड़ी लहर बन सकता है। उनकी पहल दिखाती है कि यदि एक महिला अपने घर की छत से पानी बचा सकती है, तो पूरा समाज जल-संकट की दिशा में समाधान का हिस्सा बन सकता है। यह कहानी सिर्फ एक घर की नहीं, एक सोच की है।
कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के नेतृत्व में जब प्रशासनिक इच्छाशक्ति और आम नागरिक की समझ एक साथ आती है, तो परिणाम सामूहिक और स्थायी बदलाव के रूप में सामने आते हैं।


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