राम वनपथ क्षेत्र की ऐतिहासिक बनास नदी से खुलेआम रेत तस्करी!
प्रतिबंध के बावजूद बनास नदी से अवैध रेत उत्खनन, शासकीय भूमि पर अवैध भंडारण, प्रशासन मौन क्यों ?

नई पहल न्यूज़ नेटवर्क। जनकपुर। राज्य सरकार द्वारा 15 जून से पूरे छत्तीसगढ़ में रेत उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद, भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र में स्थित बनास नदी से धड़ल्ले से अवैध रेत तस्करी की जा रही है। यह वही बनास नदी है भगवान श्रीराम ने वनवास काल में इसी रास्ते मे छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था, और जहां हरचौका में माता सीता की रसोई आज भी ऐतिहासिक स्थल के रूप में मौजूद है। यह क्षेत्र राम वनपथ गमन क्षेत्र के अंतर्गत आता है, और यहां रेत उत्खनन न सिर्फ पर्यावरणीय अपराध है, बल्कि धार्मिक विरासत के साथ खुला खिलवाड़ भी है।

सरकारी आदेश को ठेंगा, बनास नदी से खुलेआम रेत की चोरी !
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, भरतपुर में शासकीय जमीन पर बड़े पैमाने पर रेत का अवैध भंडारण किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा रेत भंडारण क्षेत्र जनकपुर के तहसील कार्यालय और एसडीएम कार्यालय से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर है, फिर भी प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। क्या यह रेत तस्करी प्रशासन की जानकारी में हो रही है या किसी ‘संरक्षण’ में?
बिना दस्तावेज नदी से निकाली जा रही रेत, खुलेआम भंडारण
स्थानीय ठेकेदारों के पास न तो उत्खनन की अनुमति है, न ही रेत भंडारण की वैधता से जुड़े दस्तावेज। इसके बावजूद ट्रैक्टर, ट्रक और हाईवा के जरिए रात-दिन रेत निकाली जा रही है और भरतपुर में शासकीय ज़मीन पर उसे जमा किया जा रहा है। सरकारी आदेश के उल्लंघन के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं। यह दर्शाता है कि या तो प्रशासन बेबस है या फिर मिलीभगत है।
विधायक रेणुका सिंह के वादे की उड़ रही धज्जियां
विधानसभा चुनाव के दौरान भरतपुर-सोनहत की भाजपा विधायक रेणुका सिंह ने क्षेत्र में रेत उत्खनन को पूरी तरह बंद करने का वादा किया था। लेकिन अब ठेकेदार और रसूखदारों की मिलीभगत से रेत तस्करी बेखौफ जारी है। ऐसे में अब यह सवाल उठना लाजिमी है कि, क्या चुनावी वादे सिर्फ जनता को बहलाने के लिए थे। जहां एक ओर सरकार राम वनपथ गमन पर्यटन सर्किट को संवारने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उसी क्षेत्र की पवित्र बनास नदी का सीना अवैध रेत तस्करी से छलनी किया जा रहा है। या धार्मिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण से बड़ा है रेत माफियाओं का मुनाफा ?
स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि:
शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध रेत भंडारण को तत्काल हटाया जाए।
रेत तस्करों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई हो।
जनकपुर और भरतपुर क्षेत्र में विशेष निगरानी टीम तैनात की जाए।
राम वनपथ क्षेत्र में स्थायी रूप से रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लागू हो।
यदि प्रशासन अब भी मौन रहा, तो आने वाले दिनों में स्थानीय जनता आंदोलन का बिगुल फूंक सकती है।


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