
7 वर्षीय सार्थक ने खेलते हुए निगला सिक्का, डॉक्टरों की टीम ने समय पर उपचार कर गले से निकाला, अब स्वस्थ
नई पहल न्यूज़ नेटवर्क। कोरिया। “मां मुझे सांस नहीं आ रही…” 7 साल के मासूम सार्थक के चेहरे पर डर और दर्द साफ़ झलक रहा था, जब उसने अनजाने में एक सिक्का निगल लिया। गले में सिक्का अटक गया था, जिससे वह साँस भी नहीं ले पा रहा था। लेकिन भाग्य ने साथ दिया — समय पर डॉक्टरों की कोशिशों और प्रशासन की तत्परता से एक नन्ही सी जान को मौत के मुंह से खींच लाया गया।

खेलते-खेलते निगल लिया सिक्का, हालत हो गई गंभीर
घटना नगर पालिका शिवपुर-चरचा के वार्ड क्रमांक 13 की है, जहां राजेश विश्वकर्मा का 7 वर्षीय बेटा सार्थक घर में खेलते समय गलती से एक रुपए का सिक्का निगल गया। सिक्का उसके गले में अटक गया, जिससे वह सांस नहीं ले पा रहा था। जब बच्चा तड़पने लगा, तो घर में अफरा-तफरी मच गई।
नगर पालिका उपाध्यक्ष की तत्परता ने निभाई बड़ी भूमिका
परिवार ने तुरंत नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश सिंह को जानकारी दी। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जिला अस्पताल बैकुंठपुर में चिकित्सकों को सूचित किया। बिना देरी किए सिविल सर्जन डॉ. आयुष जायसवाल के मार्गदर्शन में डॉ. योगेंद्र चौहान की टीम ने बच्चे को भर्ती कर उपचार शुरू किया।
एक्स-रे में साफ दिखा सिक्का, सफलतापूर्वक निकाला गया
जैसे ही बच्चे का एक्स-रे किया गया, गले में अटका सिक्का साफ नज़र आया। बिना समय गंवाए टीम ने सर्जिकल प्रक्रिया द्वारा उसे बाहर निकाला। मासूम सार्थक अब स्वस्थ है और खतरे से बाहर है।
सीएमएचओ डॉ. प्रशांत सिंह की अपील
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ने इस घटना को चेतावनी मानते हुए सभी अभिभावकों से अपील की है
छोटे बच्चों को कभी भी सिक्के, पिन, गिट्टी, कांच या अन्य छोटी वस्तुओं से दूर रखें।
बच्चों की लगातार निगरानी करें।
कोई भी आकस्मिक परिस्थिति हो, तो बिना देरी डॉक्टर से संपर्क करें।


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