आदिवासी किसान से मारपीट, बंधक बनाकर अवैध वसूली का आरोप, SC/ST एक्ट जोड़ने की मांग तेज, वीडियो वायरल
नई पहल न्यूज़ नेटवर्क। कोरबा। जिले के बांकीमोंगरा थाना परिसर में आदिवासी किसान के साथ मारपीट और अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भाजपा नेत्री ज्योति महंत सहित उनके सहयोगी अमन कुमार राजपूत और मुकेश राणा के विरुद्ध गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और आदिवासी समाज आक्रोशित होकर गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गया है।

यह है पूरा मामला
प्रार्थी बलवान सिंह कंवर, ग्राम बरेडिमुड़ा निवासी एक आदिवासी किसान है, जो 7 जून 2025 को अपने भाई और मामा के साथ हरदीबाजार बैल खरीदने गया था। लौटते वक्त बांकीमोंगरा रावणभाठा मार्ग पर भाजपा नेत्री ज्योति महंत, अमन सिंह राजपूत और अन्य साथियों ने उसे रोककर अपशब्द कहे और मारपीट की। आरोप है कि ज्योति महंत ने जातिसूचक गालियां दीं और धमकाते हुए कहा कि “सरकार पुलिस हमारी जेब में है।”
इसके बाद उसे जबरन बंधक बनाकर थाना परिसर लाया गया, जहां भी मारपीट की गई और ₹20,000 की मांग की गई। किसान की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उसके रिश्तेदार से ₹4,500 लेकर जबरन वसूला गया।

पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने पीड़ित के लिखित आवेदन पर ज्योति महंत, अमन कुमार राजपूत और मुकेश राणा पर धारा 296, 115(2), 140(3), 308(2), 3(5) BNS के तहत केस दर्ज कर लिया है। हालांकि अब तक SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम नहीं जोड़ा गया है, जिससे आदिवासी समाज में भारी नाराजगी है।
वीडियो वायरल, लोग आक्रोशित
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें भाजपा नेत्री की जातिसूचक टिप्पणियां और धमकियां स्पष्ट सुनी जा सकती हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद से आम जनता और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।
राजनीति गरमाई, समाज एकजुट
रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की मांग की है। दूसरी ओर भाजपा नेत्री ज्योति महंत अपने समर्थकों के साथ बचाव की कोशिश में एसपी कार्यालय पहुंची हैं। लेकिन आदिवासी संगठनों ने साफ कहा है कि यदि शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई और SC/ST एक्ट नहीं जोड़ा गया, तो जिला स्तरीय उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सर्व आदिवासी समाज की मांगें :
1. भाजपा नेत्री और सहयोगियों की SC/ST एक्ट सहित सख्त धाराओं में तत्काल गिरफ्तारी।
2. पीड़ित किसान को पुलिस सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और ₹1 लाख मुआवजा।
3. थाना परिसर की CCTV फुटेज सुरक्षित कर जांच में शामिल की जाए।
4. बांकीमोंगरा थाना की कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय जांच।
5. प्रशासन की निष्क्रियता पर जिला स्तर पर जन आंदोलन की चेतावनी।


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