वीडियो : अंबेडकर चौक पर बाबा साहब की प्रतिमा के साथ शर्मनाक हरकत, आक्रोशित भीड़ ने की कार्रवाई की मांग

Share this post:

देर रात अज्ञात तत्वों ने मूर्ति के चेहरे पर काली स्याही पोतने की कोशिश, भारी पुलिस बल तैनात

नई पहल न्यूज़ नेटवर्क। रायगढ़। शहर के चक्रधर नगर क्षेत्र स्थित अंबेडकर चौक में उस वक्त तनाव का माहौल बन गया जब बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की आदमकद प्रतिमा के साथ अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा छेड़छाड़ करने की जानकारी सामने आई। प्रतिमा के चेहरे पर काली स्याही पोतने का प्रयास किया गया, जिससे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए और बाबा साहब के अपमान के खिलाफ कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।

यह है मामला :
बताया जा रहा है कि यह घटना देर रात की है, जब कुछ अज्ञात लोग चुपचाप अंबेडकर चौक पहुंचे और प्रतिमा के चेहरे पर काली स्याही पोतने की कोशिश की। हालांकि, पूरी घटना कैमरे में कैद हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो पाएगी।

पुलिस बल मौके पर :
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा और क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। मौके पर शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की जा रही है। थाना चक्रधरनगर पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

जन आक्रोश और संवेदनशीलता :
घटना के बाद से ही सामाजिक संगठनों, दलित अधिकार मंचों, अंबेडकरवादी संगठनों एवं स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष देखा जा रहा है। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि महापुरुषों की प्रतिमाएं आखिर कब तक सुरक्षित रहेंगी?
कुछ दिन पूर्व ही राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ ब्लॉक के एक गांव में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर जूते की माला पहनाने का मामला सामने आया था, और अब रायगढ़ में बाबा साहब की प्रतिमा के साथ ऐसी हरकत होना चिंता का विषय है।
प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। कलेक्टर एवं एसपी स्वयं मामले की निगरानी कर रहे हैं।

खबर से सबक :

महापुरुषों की प्रतिमाएं सिर्फ धातु की मूर्तियां नहीं होतीं, बल्कि समाज के विचार और सम्मान का प्रतीक होती हैं।

ऐसे कृत्य सिर्फ एक वर्ग या विचारधारा पर हमला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता पर भी चोट है।

समय आ गया है जब समाज को मिलकर यह तय करना होगा कि ऐसे असामाजिक तत्वों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन को सख्त कानून और निगरानी व्यवस्था बनानी होगी ताकि महापुरुषों की प्रतिमाओं की गरिमा बनी रहे।

About The Author

Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

खबरें और भी हैं...

Advertisement Box

RO No. 13820/1

लाइव क्रिकट स्कोर

Gold and Silver price

मौसम अपडेट

राशिफल

© 2026 Nayi Pahal News  – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail