
कोरबा से दिल दहला देने वाला मामला, मेरठ कांड जैसी चेतावनी देकर भागी पत्नी
कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (SECL) की आउटसोर्सिंग कंपनी में ड्राइवर के रूप में कार्यरत संजय झगड़ा के वैवाहिक जीवन में दर्दनाक मोड़ आ गया है। वर्ष 2017 में लव मैरिज कर रुखसाना बानो को जीवनसाथी बनाने वाले संजय आज अपने फैसले पर पछता रहे हैं। दो बच्चों के साथ शुरू हुई यह शादीशुदा ज़िंदगी अब बिखर चुकी है। बताया जा रहा है कि बीते कुछ महीनों से रुखसाना का बर्ताव अचानक बदल गया था। संजय को शक हुआ और जब उसने कॉल डिटेल्स निकलवाई, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई पत्नी का अफेयर सूरज महतो नाम के युवक से चल रहा था। यह युवक मूलतः बिहार का रहने वाला है और कोरबा की एक दुकान में काम करता है।

जब संजय काम पर जाता था, तब पत्नी घंटों तक उस युवक से बातचीत करती थी। जब संजय ने इस रिश्ते का विरोध किया तो रुखसाना ने उल्टा उसे धमकी दे डाली। उसने सोशल मीडिया पर वायरल ‘नीली टंकी’ सुसाइड केस की रील का हवाला देकर कहा कि अगर उसे उसके प्रेमी के साथ जाने से रोका गया तो वह भी वैसा ही कदम उठा सकती है। यहां तक कि ज्यादा दबाव बनाने पर बच्चों और खुद को मार डालने की धमकी दी।
1 से 3 अप्रैल तक संजय ने पत्नी को समझाने की भरसक कोशिश की, लेकिन नतीजा उल्टा निकला। रुखसाना आखिरकार अपने प्रेमी सूरज महतो के साथ फरार हो गई। इस संबंध में संजय ने मानिकपुर पुलिस चौकी में मामला दर्ज कराया है।
सबसे पीड़ादायक बात यह रही कि रुखसाना ने अपने दोनों मासूम बच्चों को भी छोड़ दिया। संजय ने बताया कि माँ के चले जाने से बच्चे सदमे में हैं और रो-रो कर बुरा हाल है।
संजय का कहना है कि पत्नी और उसका प्रेमी मोबाइल बातचीत के दौरान एक-दूसरे से मरने-जीने की कसमें खाते थे और धीरे-धीरे यह रिश्ता इतना गहरा हो गया कि रुखसाना ने पति और बच्चों को छोड़ने में भी हिचकिचाहट नहीं दिखाई।
मानिकपुर पुलिस चौकी प्रभारी अमर जायसवाल ने पुष्टि करते हुए बताया कि युवक और युवती दोनों चौकी आए थे, जहां उन्होंने आपसी सहमति से एक-दूसरे के साथ जाने की बात कही और चले गए। इस पूरे घटनाक्रम से मानसिक रूप से टूट चुके संजय ने अब समाज से हाथ जोड़कर अपील की है।
“लव मैरिज करने से पहले कई बार सोचें, और यदि संभव हो तो परिवार की सहमति से ही विवाह करें। ताकि कोई और मेरी तरह बर्बादी और धोखे का शिकार न हो।”
यह मामला ना सिर्फ एक परिवार के टूटने की कहानी है, बल्कि समाज के लिए चेतावनी भी है कि बिना समझदारी और पारिवारिक समर्थन के लिए गए फैसले कितनी बड़ी कीमत वसूल सकते हैं।
यह मामला मेरठ के सौरभ हत्याकांड जैसा गंभीर मोड़ ले सकता था।
खबर से मिलने वाले 5 अहम सबक:
- प्रेम में जल्दबाजी न करें:
सिर्फ भावनाओं के आधार पर जीवन का सबसे बड़ा निर्णय लेना जोखिम भरा हो सकता है। रिश्ते को समय दें, एक-दूसरे को अच्छे से जानें। - विश्वास और पारदर्शिता जरूरी:
शादी के बाद दोनों पक्षों में पारदर्शिता और संवाद जरूरी है। छिपे हुए रिश्ते या धोखा दोनों के लिए घातक सिद्ध हो सकते हैं। - कानूनी और सामाजिक समझ:
प्रेम विवाह कानूनी रूप से मान्य है, पर परिवार और समाज की भूमिका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दोनों पक्षों की रजामंदी से रिश्ते मजबूत होते हैं। - मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें:
धोखे या असफल संबंध के बाद खुद को नुकसान पहुंचाना समाधान नहीं है। ऐसे समय में काउंसलिंग, परामर्श या दोस्तों-परिवार का सहारा लें। - साझेदारी में जिम्मेदारी:
विवाह सिर्फ एक भावनात्मक संबंध नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों की साझेदारी है। इसे निभाने के लिए परिपक्वता और समझ जरूरी है।
खबर का सार
यह घटना प्रेम विवाह के खतरों को नहीं, बल्कि रिश्तों में समझदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी की कमी को उजागर करती है। हमें इससे सीख लेनी चाहिए कि सिर्फ प्यार काफी नहीं होता, एक मजबूत वैवाहिक जीवन के लिए भरोसा, समझदारी और आपसी सम्मान जरूरी हैं।


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