RCB के हलक से खींच ही लिया था मैच, अंतिम 12 गेंद में जरूरी थे 42 रन और पंजाब केवल 6 रन से हारा

खेल डेस्क। आईपीएल 2025 का फाइनल भावनाओं और रोमांच से भरपूर रहा, जहां आरसीबी ने आखिरी ओवर में सांसें थाम देने वाली जंग में 6 रन से जीत दर्ज की. शशांक सिंह ने जीत की कगार तक पहुंचाया. विराट की आंखों में आखिरकार 18 साल की तपस्या का आँसू छलक पड़ा, तो शशांक ने अपने आंसुओं को हाथों से छिपा लिया। आईपीएल 2025 का फाइनल मुकाबला ऐसा रहा जैसे किसी फिल्म की आखिरी क्लाइमेक्स सीन जिसमें रोमांच, भावना, इतिहास और आंसू सब कुछ समा गया. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स के बीच खेले गए इस महामुकाबले में आखिरी ओवर तक सांसें थमी रहीं, लेकिन अंत में आरसीबी ने 6 रन से जीत दर्ज कर पहली बार आईपीएल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया. जीत के बाद विराट की आंखों में जीत के आंसू थे, तो शशांक सिंह की आंखें मायूसी से भरी थीं, क्योंकि उन्होंने आरसीबी की हलक से जीत को बस छीन ही लिया था. पंजाब को आखिरी दो ओवर में चाहिए थे 41 रन. लग रहा था मैच आरसीबी की मुट्ठी में है, लेकिन शशांक सिंह ने वो कर दिखाया, जो असंभव लग रहा था।

भिलाई में जन्मे है शशांक
शशांक सिंह की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उनका जन्म छत्तीसगढ़ के भिलाई में हुआ है. शशांक सिंह के पिता शैलेश सिंह IPS ऑफिसर हैं. पिता IPS के ऑफिसर होने के कारण शशांक सिंह को अलग-अलग शहरों में रहने का मौका मिला. शशांक के पिता शैलेश सिंह भोपाल में पोस्टेड थे. शैलेश सिंह ने बेटे के टैलेंट को पहचाना और उसे आगे के लिए क्रिकेट अकादमी भेजा. शशांक सिंह ने इसके बाद मुंबई का रुख किया. शशांक सिंह को पहली बार साल 2015 में मुंबई के लिए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में अपना टैलेंट दिखाने का अवसर मिला।


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