कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी को मूर्ति स्थापना स्थल के स्वामित्व के दस्तावेज सौंपे

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी की मूर्ति चोरी मामले में नया मोड़ आया है। मूर्ति चोरी के 7 दिन बाद आज जोगी परिवार ने कलेक्टर से मुलाकात की। पूर्व विधायक डॉ. रेणु जोगी और अमित जोगी ने कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी को मूर्ति स्थापना स्थल के स्वामित्व के दस्तावेज सौंपे।


जोगी परिवार ने कलेक्टर को बताया कि गौरेला के ज्योतिपुर तिराहे पर प्रस्तावित स्थल उनकी निजी जमीन है। कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने विधायक निधि से साढ़े तीन लाख रुपये दिए थे। इस राशि से वहां छोटा गार्डन भी बनाना था। नगर पंचायत को निर्माण एजेंसी का चयन तत्कालीन विधायक डॉ. रेणु जोगी ने किया था। अमित जोगी ने मूर्ति विवाद को खत्म करने और मूर्ति की पुनर्स्थापना की मांग की है। साथ ही मूर्ति चोरी के दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की है। दूसरी तरफ विरोधी पक्ष ने गौरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि मूर्ति रात में अवैध रूप से लगाई गई थी। हालांकि, अमित जोगी ने पहले ही तस्वीरों के साथ साबित किया था कि मूर्ति दिन में करीब 2 बजे लगाई गई थी। मूर्ति की चोरी रात 2 बजे हुई थी।


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