
IAS ओपी चौधरी से वित्तमंत्री तक का सफर
रायपुर। प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी का आज जन्मदिन है। रायगढ़ के बायंग गांव में 2 जून 1981 को जन्मे ओपी चौधरी की कहानी प्रेरणादायक है। प्राइमरी स्कूल शिक्षक पिता दीनानाथ चौधरी का देहांत जब ओपी मात्र 8 वर्ष के थे, तब हुआ। चौथी पास मां कौशल्या ने पेंशन से तीन बच्चों की परवरिश की। बचपन में मां के साथ रायगढ़ कलेक्टोरेट जाने पर कलेक्टर बनने का सपना देखा। जब नन्हें ओ पी अपनी माता जी के साथ पेंशन लेने हेतु रायगढ़ कलेक्टोरेट कार्यालय आते थे तब उन्होंने देखा कि कैसे कलेक्टर के आदेश पर फटाफट जरूरतमंद लोगों के काम हो जाते हैं। बस यहीं से उनके बाल-मन में कलेक्टर बनने का सपना पलने लगा। हिंदी माध्यम से 12वीं तक पढ़ाई की। भिलाई के कल्याण कॉलेज से बीएससी की। मात्र 23 वर्ष की उम्र में आईएएस परीक्षा पास की। मसूरी प्रशिक्षण में गोल्ड मेडल भी हासिल किया।

2011 में पहली बार कलेक्टर बने। 13 साल की सेवा के बाद नौकरी छोड़कर 2018 में भाजपा में शामिल हुए। पहला चुनाव खरसिया से लड़ा, लेकिन हार गए। रायगढ़ में कई जनआंदोलनों का नेतृत्व किया। 2023 में भाजपा ने रायगढ़ विधानसभा से टिकट दिया। उन्होंने 64,443 मतों के अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। ओपी चौधरी की यात्रा एक साधारण परिवार से निकलकर आईएएस अधिकारी और फिर मंत्री बनने तक की है। उनकी लोकप्रियता और सर्वसमावेशी कार्यशैली ने उन्हें जनता का प्रिय नेता बनाया है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र से लेकर राजधानी तक किये बड़े काम
वर्ष 2011 में उन्हें पहली बार जिला कलेक्टर बनने का अवसर मिला तो उन्होंने नक्सल पीड़ित और चुनौतीपूर्ण जिला दंतेवाड़ा को अपने कार्यक्षेत्र के रूप में चुना । यहां उन्होंने वो करिश्माई कार्य कर दिखाये जिसकी चर्चा देश ही नहीं वरन विदेशों में भी गूंजी। इस आदिवासी जिले में उन्होंने प्राइमरी स्कूल के बच्चों से लेकर महाविद्यालयीन स्तर के छात्रों हेतु शिक्षा की कई अनोखी योजनाएं लागू की और बहुत बड़ी आबादी को हिंसा के रास्ते से हटाकर समाज की मुख्यधारा की ओर मोड़ा। इनकी अभिनव योजनाओं में नन्हें परिंदे, छू लो आसमान, पोटा कैबिन्स , प्रोजेक्ट तमन्ना, प्रयास विद्यालय,शिक्षा सवारी योजना, साइंस म्यूज़ियम, स्पोर्ट्स क्लब, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग सेंटर,आधुनिक ट्राइबल गर्ल्स स्कूल आदि ने वनांचल के लोगों में राज्य व्यवस्था के प्रति डगमगाते विश्वास को थामकर उसकी जगह पूर्ण विश्वास जागृत किया और उनमें सकारात्मक परिवर्तन की लहर पैदा कर दी। गीदम जैसे बीहड़ क्षेत्र के ग्राम जावंगा में कई एकड़ में अत्याधुनिक एजुकेशन हब बनाकर उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की । इस प्रोजेक्ट को देखने के लिये विदेशी मीडिया की कई टीमें छत्तीसगढ़ आयीं। इस एजुकेशन सिटी को के. पी. एम. जी. ने दुनिया के “सौ इनोवेटिव अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट” में शामिल किया। ओ पी की सर्वाधिक चर्चित योजना “लाइवली हूड कॉलेज” के नाम से प्रसिद्ध हुई जिसके लिये वर्ष 2011-12 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन्हें ‘प्रधानमंत्री एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया। रायपुर निगम कमिश्नर और फिर रायपुर कलेक्टर रहते हुए ओ पी ने राजधानी रायपुर में तेलीबांधा तालाब प्रोजेक्ट, खेल स्टेडियम, प्रयास स्कूल प्रोजेक्ट और नालंदा परिसर के रूप में विश्वस्तरीय लाइब्रेरी का निर्माण जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देकर राजधानी का कायाकल्प करने में जिस कार्यकुशलता व कल्पनाशीलता का परिचय दिया उसकी प्रशंसा दिल्ली तक सुनी गयी।
नई पहल की ओर से वित्तमंत्री ओपी चौधरी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं


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