पिछले साल इसी खदान में बारिश के दौरान जलभराव से एक इंजीनियर की मौत हो गई थी

कोरबा। जिले की एसईसीएल कुसमुंडा खदान में एक घंटे की तेज बारिश से जलभराव की स्थिति बन गई। खदान में पानी भर जाने से कुछ समय के लिए कोयला उत्पादन प्रभावित हुआ। इस दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें माइंस रोड पर तेज बहाव के साथ बारिश का पानी दिखाई दे रहा है। एसईसीएल के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, बारिश के बावजूद खदान सामान्य रूप से संचालित हो रही है। एक दिन में 40,000 टन कोयले का उत्पादन और 80,000 टन कोयले का प्रेषण किया गया। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तेज बारिश के दौरान कर्मचारियों और मशीनों की सुरक्षा के लिए कार्य को अस्थायी रूप से रोका जाता है। पिछले साल इसी खदान में बारिश के दौरान जलभराव से एक इंजीनियर की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे। वायरल वीडियो में ओपनकास्ट खदान के बेंचों से ऊंचाई से गिरते पानी के दृश्य भी दिखाई दे रहे हैं। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि खदान तीनों पालियों में सामान्य रूप से संचालित है।



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