पुलिस ने किया दाह संस्कार, आंध्र से आए परिजन लौटे खाली हाथ
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ स्थित कुडमेल में 21 मई को हुई मुठभेड़ में मारे गए 27 नक्सलियों के शवों का मामला सोमवार को समाप्त हो गया। पुलिस ने नगर के एक सूनसान इलाके में नक्सल सुप्रीमो बसवराजु सहित 8 नक्सलियों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। डीआरजी के जवानों ने इन शवों को मुखाग्नि दी। पुलिस ने 27 में से 20 शव परिजनों को सौंप दिए। शेष 7 शवों के लिए कोई कानूनी दावा नहीं आया था। इनमें सीपीआई माओवादी के महासचिव बसवराजु का शव भी शामिल था। नारायणपुर के एएसपी ऐश्वर्य चंद्राकर के अनुसार, नक्सली कोसी उर्फ हुंगी के परिजन 26 मई को शव लेने आए थे। उन्होंने संक्रमण के खतरे को देखते हुए वहीं अंतिम संस्कार का अनुरोध किया।


आंध्र प्रदेश से शव लेने आए अन्य परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया। उनका कहना है कि वे एंबुलेंस लेकर कई किलोमीटर दूर से आए थे। पुलिस ने तीन दिन तक कागजी कार्रवाई के नाम पर उन्हें गुमराह किया। सामाजिक कार्यकर्ता और वकील बेला भाटिया ने इसे मानवाधिकार का उल्लंघन बताया। परिजनों ने बताया कि आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने शव सौंपने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें शव का अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिया।
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