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जश्न-ए-मोहब्बत का पैगाम : 50 साल पुरानी दोस्ती की मिसाल, ‘आदर्श मित्रता सम्मान’ ने दिया सामाजिक एकता का संदेश

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रायपुर में विभिन्न धर्मों और जातियों के 10 मित्र समूहों का हुआ सम्मान, ‘स्मारिका-2026’ का लोकार्पण; बच्चों ने चित्रकला और स्लोगन से बिखेरे रंग

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। धर्म, जाति और सामाजिक सीमाओं से परे जाकर जब दो दिल इंसानियत और भरोसे के धागे से जुड़ते हैं, तो मित्रता सिर्फ दो लोगों का रिश्ता नहीं रह जाती, बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक मजबूत आंदोलन बन जाती है। रायपुर के विमतारा ऑडिटोरियम में आयोजित ‘आदर्श मित्रता सम्मान समारोह–2026’ में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। मुस्लिम इंटेलेक्चुअल फ़ोरम एवं सर्व आस्था मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अनूठे “जश्न-ए-मोहब्बत” कार्यक्रम ने 30 से 50 वर्षों पुरानी मिसाली मित्रताओं को सम्मानित कर सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का एक ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया।

भावुक हुए दिल, आँखों से छलके आत्मीयता के आँसू

​कार्यक्रम के दौरान हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय से जुड़े 10 ऐसे मित्र समूहों को मंच पर सम्मानित किया गया, जिन्होंने दशकों तक अपनी दोस्ती को विश्वास और प्रेम के साथ निभाया है। जब इन बुजुर्ग और वरिष्ठ मित्रों ने मंच से अपने जीवन के संस्मरण साझा किए, तो पूरा सभागार आत्मीयता से भर उठा और कई लोगों की आँखें नम हो गईं। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि सच्ची दोस्ती सीमाओं से परे होती है।

‘आदर्श मित्रता सम्मान स्मारिका–2026’ का ऐतिहासिक लोकार्पण

कार्यक्रम का आगाज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और सीमांत गांधी खान अब्दुल गफ्फार खान की ऐतिहासिक दोस्ती को नमन करते हुए पुष्पांजलि एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके बाद 26 प्रेरणादायक मित्रों की सच्ची जीवन-गाथाओं और पुरानी यादों को सहेजे हुए ‘आदर्श मित्रता सम्मान स्मारिका–2026’ का गरिमापूर्ण लोकार्पण किया गया। यह स्मारिका आने वाली पीढ़ियों के लिए सामाजिक सद्भाव की एक अनमोल धरोहर साबित होगी।

विशिष्ट मुख्य बिंदु और प्रमुख आकर्षण

  • बच्चों ने दिखाया हुनर: इंडियन पब्लिक स्कूल, होली क्रॉस और ए.पी.जे. अब्दुल कलाम एकेडमी सहित 8 प्रमुख विद्यालयों के विद्यार्थियों ने चित्रकला एवं स्लोगन प्रतियोगिता के जरिए सामाजिक एकता का संदेश दिया।
  • पर्यावरण संरक्षण की मिसाल: अतिथियों का स्वागत पारंपरिक बुके (फूलों) की जगह पौधे भेंट कर किया गया, जिसकी सभी ने खुले दिल से तारीफ की।
  • प्रबुद्धजनों की मौजूदगी: कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात अधिवक्ता जनाब सैय्यद फैसल रिजवी ने की। इसके अलावा वरिष्ठ पत्रकार गिरीश पंकज, स्वामी बृजनाथ आनंद, बिशप विक्टर हेनरी, जनाब हसन अली, श्री नंदलाल और डी. आर. महापात्र सहित कई गणमान्य हस्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम का मुख्य संदेश:

“जब रिश्तों की नींव विश्वास, सम्मान और इंसानियत पर रखी जाती है, तब मित्रता केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं रहती, बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक सशक्त आंदोलन बन जाती है।”

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