भिलाई विधायक देवेंद्र यादव की ‘ड्राइविंग रील’ वायरल; क्या पूर्व सीएम के प्रत्याशी को शिकस्त देने के लिए एक साथ आए कांग्रेस के दिग्गज?
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस के चुनावी मुकाबले ने अब प्रदेश की राजनीति में बेहद दिलचस्प मोड़ ले लिया है। इस चुनाव में दो बड़े खेमे आमने-सामने हैं। एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का गुट है, तो दूसरी तरफ कभी उनका हाथ पकड़कर जनप्रतिनिधि के रूप में अपना राजनीतिक आगाज करने वाले भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का खेमा। कभी भूपेश बघेल के दौरों और कार्यक्रमों की पूरी रूपरेखा तय करने वाले देवेंद्र यादव आज युवा संगठन में अपनी अलग रणनीति के साथ मैदान में डटे हैं।
इसी बीच शनिवार को सोशल मीडिया पर 15 सेकंड का एक वीडियो जमकर वायरल होने लगा, जिसे खुद देवेंद्र यादव ने पोस्ट किया है। जैसे ही यह वीडियो सामने आया, इसे जारी यूथ कांग्रेस चुनाव और बदलते सियासी समीकरणों से जोड़कर देखा जाने लगा।
‘महंत जी, बाबा और डी वाई’: कार की स्टेयरिंग थामे देवेंद्र का बड़ा इशारा
दुर्ग में शूट हुआ यह वीडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है। वीडियो में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव कार की ड्राइविंग सीट पर बैठकर गाड़ी ड्राइव करते नजर आ रहे हैं। उनके ठीक बगल में पूर्व मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम बैठे हैं, जबकि पीछे की सीट पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व उप-मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव बेहद सहज अंदाज में मौजूद हैं। देवेंद्र यादव के समर्थक इस रील को “महंत जी, बाबा और डी वाई” के कैप्शंस के साथ ताबड़तोड़ शेयर कर रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर कयासों का बाजार गर्म है कि क्या कार की ड्राइविंग सीट पर बैठकर देवेंद्र यह संकेत देने की कोशिश कर रहे हैं कि युवा कांग्रेस चुनाव में उनके गुट को टी.एस. सिंहदेव और डॉ. चरणदास महंत का आशीर्वाद हासिल है?
अंदरखाने बिछ रही बिसात: बंजारे बनाम चेलक की जंग
हालांकि पूर्व उप-मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने सार्वजानिक बयान में वरिष्ठ नेताओं को यूथ कांग्रेस चुनाव से दूर रहने की सलाह दी थी। लेकिन सूत्रों और सियासी चर्चाओं की मानें तो अंदरखाने स्थिति काफी रणनीतिक नजर आ रही है:
- देवेंद्र यादव खेमा (शैलेन्द्र बंजारे): खबरें हैं कि महंत और सिंहदेव के प्रभाव वाले क्षेत्रों में देवेंद्र यादव समर्थित प्रदेश अध्यक्ष प्रत्याशी शैलेन्द्र बंजारे के पक्ष में अंदरूनी संकेत दिए जा चुके हैं।
- भूपेश बघेल खेमा (सत्येंद्र चेलक): वहीं दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने खेमे के प्रत्याशी सत्येंद्र चेलक को चुनाव जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
कभी भूपेश बघेल के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार रहे देवेंद्र यादव का आज यह सियासी रुख बेहद खास माना जा रहा है। हालांकि, यह सिर्फ एक इत्तेफाकन सफर था या यूथ कांग्रेस चुनाव की बाजी पलटने के लिए रचा गया सियासी पैंतरा, यह तो चुनाव नतीजों के बाद ही साफ हो पाएगा।
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