37 लाख का काला साम्राज्य : फर्जी फोटो और झूठी आईडी के जाल में फंसे हजारों युवक, पुलिस ने लेडी डायरेक्टर समेत दो को दबोचा
राजनांदगांव। सावधान! अगर आप भी ऑनलाइन मैरिज ब्यूरो के विज्ञापनों को देखकर अपना जीवनसाथी तलाश रहे हैं, तो यह खबर आपके होश उड़ा देगी। राजनांदगांव की बसंतपुर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ‘लव लाइफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो’ की आड़ में युवाओं की भावनाओं और मेहनत की कमाई से खिलवाड़ कर रहा था। पुलिस ने इस फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड संचालक और महिला डायरेक्टर को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
हजारों लड़कियों की ‘फेक प्रोफाइल’ और लाखों का लेन-देन
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा को मिली गुप्त सूचना के बाद जब सृष्टि कॉलोनी स्थित इस तथाकथित ऑफिस पर छापेमारी की गई, तो जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला था। आरोपियों के पास मौजूद मोबाइल फोन से 2,286 युवतियों के फोटो बरामद हुए हैं। ये लोग इंटरनेट से रैंडम फोटो डाउनलोड कर उनकी फर्जी आईडी बनाते थे और फिर जरूरतमंद युवकों को व्हाट्सएप पर भेजकर उन्हें अपने जाल में फंसाते थे।

ठगी का तरीका
- रजिस्ट्रेशन का झांसा: पहले युवकों को पसंद की प्रोफाइल दिखाकर रजिस्ट्रेशन के नाम पर फंसाया जाता था।
- मोटा पैकेज: फैमिली मीटिंग और शादी पक्की कराने के नाम पर 30 से 40 हजार रुपये तक ऐंठ लिए जाते थे।
- गायब हो जाता था संपर्क: पैसे मिलने के बाद कोई न कोई बहाना बनाकर युवकों से संपर्क तोड़ दिया जाता था।
बैंक स्टेटमेंट ने खोला राज : एक साल में 37.69 लाख की चपत
एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि, जांच के दौरान पुलिस ने जब आरोपियों के बैंक खातों की कुंडली खंगाली, तो पता चला कि बीते एक साल में उन्होंने ठगी के जरिए ₹37,69,000 का ट्रांजैक्शन किया है। पुलिस ने मौके से 21 मोबाइल फोन (7 एंड्रॉइड और 14 की-पैड) और 9 रजिस्टर जप्त किए हैं, जिनमें ठगी का पूरा हिसाब-किताब दर्ज है।



पुलिस की गिरफ्त में ‘ठग जोड़ी’
गिरफ्तार आरोपियों में नेहा पाठक (23 वर्ष), जो इस ब्यूरो की डायरेक्टर बताई जा रही है, और धर्मेंद्र मानिकपुरी (32 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश अभी जारी है।
नागरिक किसी भी ऑनलाइन मैरिज ब्यूरो या सोशल मीडिया के विवाह प्रस्तावों पर बिना जांच-पड़ताल किए पैसे न दें। आपकी सतर्कता ही ठगों का सबसे बड़ा इलाज है।
— अंकिता शर्मा, एसपी राजनांदगांव
सराहनीय भूमिका
इस बड़ी सफलता में सीएसपी वैशाली जैन, थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू, उप निरीक्षक देवदास भारती, प्रधान आरक्षक दीपक जायसवाल सहित पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।




