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सृजन की गूँज : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया विवेकानंद महाविद्यालय की वार्षिक पुस्तक ‘विवेकसुधा’ का विमोचन

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मनेन्द्रगढ़ महाविद्यालय की बौद्धिक चेतना का दर्पण बनी वार्षिक पत्रिका, रतनपुर में सजा गरिमामयी समारोह

नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेन्द्रगढ़। साहित्य, सृजन और शिक्षा के संगम का अद्भुत दृश्य तब देखने को मिला जब शासकीय विवेकानन्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ की वार्षिक पत्रिका ‘विवेकसुधा’ का विमोचन छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। उनके गृहग्राम रतनपुर स्थित कार्यालय में आयोजित इस समारोह ने महाविद्यालय के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है।

“विद्यार्थियों की प्रतिभा का मंच है विवेकसुधा” – स्वास्थ्य मंत्री

पत्रिका का विमोचन करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने संपादकीय टीम और छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा:

वार्षिक पत्रिकाएँ केवल कागजों का संग्रह नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की दबी हुई रचनात्मकता और साहित्यिक प्रतिभा को पंख देने का माध्यम हैं। शिक्षण संस्थानों में किताबी ज्ञान के साथ-साथ ऐसा सृजनात्मक विकास ही एक छात्र को पूर्ण व्यक्तित्व प्रदान करता है।

नेतृत्व और टीम की सहभागिता

​कार्यक्रम का सफल आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. श्राबनी चक्रवर्ती के कुशल नेतृत्व में हुआ। इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए महाविद्यालय का पूरा परिवार रतनपुर पहुँचा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

  • वरिष्ठ प्राध्यापक: डॉ. सरोजबाला श्याग विश्नोई, डॉ. रश्मि तिवारी, डॉ. सुशील कुमार तिवारी।
  • प्राध्यापक एवं व्याख्याता: डॉ. अरूणिमा दत्ता, स्मृति अग्रवाल, पुष्पराज सिंह,  थनेन्द्र कश्यप एवं अभिषेक कुमार सिंह।
  • कार्यालयीन स्टाफ: श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव एवं श्री सुनीत जाँनसन बाड़ा।

बौद्धिक चेतना का प्रतिबिम्ब: प्राचार्य

​प्राचार्य प्रो. चक्रवर्ती ने इस अवसर पर गौरव महसूस करते हुए कहा कि ‘विवेकसुधा’ महाविद्यालय की सांस्कृतिक और बौद्धिक चेतना का प्रतिबिंब है। उन्होंने पत्रिका को मूर्त रूप देने वाले संपादकीय मंडल और अपनी लेखनी से इसे सजाने वाले विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।

शिक्षा जगत में सराहना

​उपस्थित अतिथियों और प्राध्यापकों ने पत्रिका की उच्च संपादकीय गुणवत्ता और आकर्षक कलेवर की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। यह विमोचन न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम रहा, बल्कि इसने महाविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाते हुए विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा के नए द्वार खोल दिए हैं।

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