SECL में डिजिटल युग की शुरुआत : ई-डाडास और HMIS पोर्टल लॉन्च, बिलासपुर को मिली हाई-टेक ‘5-पार्ट हेमेटोलॉजी लैब’ की सौगात
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य और देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुपरचार्ज करने के उद्देश्य से आज एक बेहद महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। भारत सरकार के कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट की। इस महाबैठक में राज्य के आर्थिक विकास, लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और रोजगार के नए अवसरों को लेकर दोनों नेताओं के बीच बेहद सकारात्मक चर्चा हुई। अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के कार्यों की गहन समीक्षा की और कंपनी को पूरी तरह डिजिटल बनाने वाले दो बड़े पोर्टल्स समेत बिलासपुर में एक अत्याधुनिक चिकित्सा यूनिट का उद्घाटन किया।
डबल इंजन समन्वय: बंपर रोजगार और आर्थिक तरक्की पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय मंत्री सतीश चन्द्र दुबे के बीच हुई इस मुलाकात को छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के आपसी तालमेल से विकास परियोजनाओं को बुलेट ट्रेन की रफ्तार देने पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री साय के साथ चर्चा के दौरान कोयला क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए साधन तैयार करने और छत्तीसगढ़ को ऊर्जा का सबसे मजबूत गढ़ बनाए रखने की रणनीति पर विशेष बल दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने राज्य के विकास में छत्तीसगढ़ शासन के निरंतर मिल रहे सहयोग की खुलकर तारीफ की।
SECL का ऐतिहासिक रिकॉर्ड: कोल इंडिया के कुल उत्पादन में अकेले 26% से ज्यादा की हिस्सेदारी
मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में SECL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरिश दुहान ने केंद्रीय मंत्री के सामने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के चमचमाते आंकड़े रखे।
उत्पादन का नया कीर्तिमान: कोल इंडिया द्वारा अब तक हासिल किए गए कुल 100 मिलियन टन उत्पादन में अकेले SECL ने 26.86 मिलियन टन का रिकॉर्ड योगदान दिया है, जो देश में सबसे ज़्यादा है।
केंद्रीय मंत्री ने इस शानदार कामयाबी के लिए पूरी टीम की पीठ थपथपाई। साथ ही उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल खनन के साथ-साथ कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के जरिए जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना अनिवार्य होना चाहिए।
फाइलों के चक्कर से मुक्ति: ई-डाडास और HMIS पोर्टल्स का आगाज
SECL के कामकाज में पारदर्शिता लाने और उसे ‘पेपरलेस’ बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री ने दो क्रांतिकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स देश को समर्पित किए:
- ई-डाडास (E-DDAS) पोर्टल: अब बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के डिज़ाइन और ड्रॉइंग की फाइलें दफ्तरों में नहीं अटकेंगी। इस पोर्टल के जरिए ऑनलाइन जांच, ट्रैकिंग और अप्रूवल की प्रक्रिया चुटकियों में होगी, जिससे काम में गजब की तेजी आएगी।
- HMIS पोर्टल: हॉस्पिटल मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम के लागू होने से SECL के सभी अस्पताल हाई-टेक हो जाएंगे। मरीजों का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल होगा, जिससे इलाज और भी आसान व त्वरित हो जाएगा।
बिलासपुर को चिकित्सा की बड़ी सौगात: पलक झपकते ही होगी सटीक जांच
स्वास्थ्य सेवाओं को नेक्स्ट लेवल पर ले जाते हुए सतीश चन्द्र दुबे ने बिलासपुर के इंदिरा विहार स्वास्थ्य केंद्र में अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइज़र यूनिट का फीता काटा।
- सटीक डायग्नोसिस: यह पूरी तरह ऑटोमैटिक मशीन है, जो श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBC) की सूक्ष्मता से जांच कर बड़े से बड़े संक्रमण और बीमारियों की पहचान शुरुआती दौर में ही कर लेगी।
- त्रुटिहीन और सुपरफास्ट रिपोर्ट: इस मशीन के आने से मरीजों को बिना किसी मानवीय चूक (Human Error) के बेहद कम समय में सटीक ब्लड रिपोर्ट मिल सकेगी, जिससे लैब सेवाओं की गुणवत्ता में ऐतिहासिक सुधार होगा।
उद्घाटन के बाद केंद्रीय मंत्री ने स्वयं स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और SECL द्वारा कर्मियों व आम जनता को दी जा रही उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं की सराहना की।
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