नए विधानसभा भवन के लोकार्पण पर प्रधानमंत्री ने डॉ. रमन सिंह के समर्पण को किया सलाम कार्यकर्ता को प्रेरणा बताया
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ के 25वें राज्य स्थापना दिवस पर, नए विधानसभा भवन के लोकार्पण समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह राजनीतिक संदेश रहा, जो उन्होंने मंच से छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को समर्पित किया। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने डॉ. रमन सिंह के अनुभव और पद से ऊपर उठकर कार्य करने की भावना को ‘राजनीति में एक दुर्लभ उदाहरण’ करार दिया, जिसने मंच पर मौजूद सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक बड़ा सबक दिया।

पीएम मोदी ने कहा, डाक्टर रमन कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत
आज नया रायपुर में लोकतंत्र के नए मंदिर का लोकार्पण सिर्फ एक भवन का उद्घाटन नहीं था, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और कार्यकर्ता के समर्पण का सार्वजनिक सम्मान था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस राष्ट्रीय मंच से, डॉ. रमन सिंह के 15 साल मुख्यमंत्री रहने के बाद भी विधानसभा अध्यक्ष के रूप में काम करने की भावना की खुलकर प्रशंसा की। पीएम मोदी ने कहा कि रमन सिंह ने यह साबित कर दिया कि सच्चा कार्यकर्ता पद की परवाह किए बिना सच्चे स्पिरिट से राष्ट्र की सेवा में कैसे जुटा रहता है। यह प्रशंसा न सिर्फ छत्तीसगढ़ की राजनीति में बल्कि देश की राजनीति में भी एक बड़ा संदेश है, जो रमन सिंह को कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत के रूप में स्थापित करती है।
पीएम मोदी ने दिया ‘क्रिकेट का उदाहरण’
प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. रमन सिंह के समर्पण को स्पष्ट करने के लिए एक रोचक उपमा का प्रयोग किया:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “क्रिकेट में तो देखते हैं कि जो कभी कैप्टन रहता है, वह कभी टीम में खिलाड़ी बनकर भी खेलता है… लेकिन राजनीति में ऐसा देखने को नहीं मिलता है!“
”यह उदाहरण रमन सिंह जी दे सकते हैं कि जो कभी कैप्टन हुआ करते थे, वह आज सच्चे स्पिरिट से कार्यकर्ता की तरह छत्तीसगढ़ की सेवा के लिए समर्पित हैं और हर कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा के रूप में कार्य कर रहे हैं।”
- अनुभव का सम्मान: पीएम मोदी ने नए विधानसभा सदन को संबोधित करते हुए कहा कि सदन की अध्यक्ष पीठ पर डॉ. रमन सिंह जैसा अनुभवी नेतृत्व होने से लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी।
- सशक्तिकरण का प्रमाण: प्रधानमंत्री ने डॉ. रमन सिंह के जीवन को इस बात का प्रमाण बताया कि एक कार्यकर्ता अपने परिश्रम और समर्पण से लोकतांत्रिक व्यवस्था को कितना सशक्त बना सकता है।
प्रधानमंत्री की यह सार्वजनिक और भावनात्मक टिप्पणी, डॉ. रमन सिंह के लिए सर्वोच्च सम्मान थी और इसने छत्तीसगढ़ के इस ऐतिहासिक आयोजन को एक अविस्मरणीय राजनीतिक संदेश दे दिया है।




About The Author














