बालोद के बोड़रा गांव में दीपावली पर सैनिकों का त्याग याद कर नम हुईं आँखें, विधायक संगीता सिन्हा ने कहा यह मेरा मायका है, गर्व हो रहा है
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बालोद। दीपावली की शुरुआत खुशियों के साथ-साथ गहरी भावनाओं और देशप्रेम के साथ करने की अनूठी परंपरा बालोद जिले के गुरूर ब्लॉक के ग्राम बोड़रा ने इस बार भी निभाई। ‘नो टेंशन क्लब’ द्वारा बीते नौ वर्षों से आयोजित शहीद सम्मान कार्यक्रम में गांव ने धनतेरस का पहला दीप देश के वीर सपूतों के परिवारों को समर्पित किया। यह आयोजन उस वक्त और भी ज्यादा भावनात्मक हो गया, जब मंच पर मौजूद स्थानीय विधायक संगीता सिन्हा शहीद परिवारों को सम्मानित करते हुए भावुक हो गईं और उनकी आँखों में आंसू छलक पड़े। सैनिकों के त्याग को याद कर उन्होंने कहा कि इस पवित्र मौके पर अपने मायके (बोड़रा) में मौजूद होकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है।

- सेवा और त्याग को नमन: गुरूर ब्लॉक का बोड़रा गांव एक बार फिर अपने अनूठे आयोजन के कारण चर्चा में है। धनतेरस के दिन यहां आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में, गांव की बेटियों ने सशक्त अभिनय के माध्यम से सैनिकों के त्याग और उनके परिवारों के दर्द को जीवंत कर दिया। इसी दौरान, जब शहीद परिवारों को सम्मानित किया गया, तो मंच का माहौल अत्यंत भावुक हो गया।
- विधायक संगीता सिन्हा का भावनात्मक क्षण: विधायक संगीता सिन्हा ने सम्मान समारोह के दौरान नम आँखों से शहीद परिवारों को नमन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “हम शहीद परिवारों का कर्ज कभी नहीं चुका सकते। दीपावली तो सब मनाते हैं, लेकिन जिस तरह यह गांव देश के सपूतों को याद करता है, वह अनुकरणीय है।” उन्होंने कहा कि बोड़रा उनका मायका भी है, और इन वीर परिवारों के साथ त्योहार मनाना उनके लिए गर्व का विषय है। इस दौरान, उनकी आँखें लगातार नम रहीं और वह अपनी भावनाओं को नहीं रोक पाईं।
- जवानों के त्याग से मनाते हैं दीवाली: जनपद पंचायत उपाध्यक्ष दुर्गानंद साहू ने भी कहा कि आज हम जो सुकून से दीवाली मना रहे हैं, वह हमारे जवानों के त्याग का फल है। उन्होंने उन माताओं को प्रणाम किया, जिन्होंने देश को वीर सपूत दिए। साथ ही उन्होंने विधायक के सामने ग्रामीण सड़क पर पुलिसिंग की समस्या भी उठाई, जिस पर विधायक ने इसे विधानसभा में उठाने का आश्वासन दिया।
- रात भर गूंजे देशभक्ति के नारे: कार्यक्रम में देर रात तक दीपों की रोशनी में शहीदों को याद किया गया। ग्रामीणों, शहीद परिवारों, वर्तमान सैनिकों, पूर्व सैनिकों और ‘नो टेंशन क्लब’ के सदस्यों ने पूरे सम्मान और देशभक्ति के नारों के साथ माहौल को गुंजायमान कर दिया। यह आयोजन न सिर्फ शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है, बल्कि पूरे जिले के लिए एक प्रेरणा बन गया है।




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