मंच से बोले विधायक भूलन सिंह मरावी- हमें 2002 में मिला अटल जी का उपहार, अब जनता पूछ रही- सर, हम दो साल कहाँ थे ?
नई पहल न्यूज नेटवर्क। सूरजपुर। जिला मुख्यालय में चल रहा तीन दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम आज उस समय हास्य और विडंबना का केंद्र बन गया, जब अतिथि के रूप में पधारे प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी ने मंच से इतिहास को ही बदल डाला। विधायक महोदय ने जनता को संबोधित करते हुए एक-दो नहीं, बल्कि दो बार अत्यंत विश्वास के साथ घोषणा की कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन “2002 में” हुआ था और यह उपहार उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी ने उसी वर्ष दिया था।
पूरा पंडाल स्तब्ध रह गया। विधायक जी के इस ‘ऐतिहासिक शोध’ ने आमजन के बीच यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि ‘अगर राज्य 2002 में बना, तो 1 नवंबर 2000 से 2002 तक हम सभी किस राज्य में जी रहे थे?’ लगता है विधायक महोदय के लिए छत्तीसगढ़ का अस्तित्व, सरकारी फाइल की तरह, दो साल की धीमी गति से शुरू हुआ।
इतिहास की विस्मृति और विडंबना

यह घटना केवल एक विधायक की फिसलन नहीं है, बल्कि सरकारी आयोजनों की गंभीरता पर एक बड़ा तंज है। जिस पर्व का उद्देश्य राज्य के गौरवशाली इतिहास को याद करना है, उसी पर्व के मंच से एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि राज्य के जन्म की तारीख ही भूल जाता है। विधायक जी का अटल जी को श्रेय देना सही है, लेकिन तारीख 2000 की बजाय 2002 बताने की इस ‘ऐतिहासिक विस्मृति’ ने उन्हें आमजन के बीच चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना दिया है। लोगों का कहना है कि कम से कम राज्योत्सव में आने से पहले ही विधायक महोदय को अपनी स्पीच की स्क्रिप्ट या सामान्य ज्ञान को अपडेट कर लेना चाहिए था।
विधायक की बोल बनी सोशल मीडिया का ‘टॉक ऑफ द टाउन’
विधायक की यह भूल बताती है कि राज्योत्सव जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भी जनप्रतिनिधियों की तैयारी कितनी सतही होती है। सूरजपुर के हाईस्कूल ग्राउंड में हुए इस बयान ने अब सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और मीम्स की बाढ़ ला दी है। संभव है कि विधायक महोदय अब जल्द ही एक स्पष्टीकरण जारी करें, लेकिन तब तक उनके इस ‘नवीनतम इतिहास’ की गूंज पूरे छत्तीसगढ़ में सुनाई देती रहेगी।



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