अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के व्यक्तिगत हस्तक्षेप से बच्ची को मिला दिवाली का बड़ा तोहफा

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के व्यक्तिगत और ऐतिहासिक हस्तक्षेप से रायपुर की एक बच्ची कु. वंशिका साहू को शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निःशुल्क निजी स्कूल में प्रवेश मिल गया है। यह फैसला छत्तीसगढ़ में पहली बार तब आया है जब अक्टूबर माह में, पोर्टल बंद होने के बावजूद, शिक्षा विभाग को विशेष आदेश जारी कर प्रवेश के लिए पोर्टल पुनः खोलना पड़ा। आयोग ने मात्र 25 दिनों के रिकॉर्ड समय में इस महत्वपूर्ण अपील पर सुनवाई पूरी कर बच्ची को उसका शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया, जिसे दिवाली का एक बड़ा और अमूल्य तोहफा माना जा रहा है। अनिवार्य तथा निःशुल्क शिक्षा के अधिकार (RTE) के अंतर्गत निजी स्कूलों की पहली कक्षा में 25 प्रतिशत सीटों पर मुफ्त प्रवेश का प्रावधान है, लेकिन शिक्षा विभाग की एक त्रुटि ने रायपुर की कु. वंशिका साहू को इस अवसर से वंचित कर दिया था। बच्ची के पिता हरीश साहू ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी, जिसके बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर उन्होंने 20 अगस्त 2025 को राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग में अपील दायर की। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लिया और अनिवार्य तथा निःशुल्क शिक्षा के अधिकार अधिनियम की धारा 32 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए, शिक्षा विभाग और निजी स्कूल कृष्णा पब्लिक स्कूल रायपुर के तर्कों को सुना।
रिकॉर्ड समय में ऐतिहासिक फैसला:
डॉ. शर्मा ने मात्र 25 दिनों में, यानी 15 सितंबर 2025 को, सुनवाई पूरी कर लिखित आदेश पारित किया। आयोग ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया कि प्रारंभिक चरण में शिक्षा विभाग द्वारा त्रुटिवश बच्ची को विचारण क्षेत्र में शामिल नहीं किया गया था, जिसके चलते वह 51 आरक्षित सीटों पर प्रवेश की संभावनाओं से वंचित हुई। इस प्रशासनिक चूक को देखते हुए, आयोग ने एक अभूतपूर्व कदम उठाया। उन्होंने लिखित आदेश में पोर्टल को पुनः खोलने और बच्ची वंशिका साहू को कृष्णा पब्लिक स्कूल में निःशुल्क प्रवेश दिलाने तथा प्रवेश की समस्त प्रतिपूर्ति शिक्षा विभाग द्वारा वहन करने का निर्देश दिया।
अक्टूबर में खुला पोर्टल, बच्ची को मिला प्रवेश
आयोग के इस निर्देश के बाद, लोक शिक्षण संचालनालय ने आदेश का पालन करते हुए 10 अक्टूबर 2025 को विशेष तौर पर दोबारा पोर्टल खोला और कु. वंशिका साहू को कृष्णा पब्लिक स्कूल में दो रिक्त सीटों पर प्रवेश की लिखित अनुमति जारी की। इसके परिणामस्वरूप, बच्ची को विधिवत 16 अक्टूबर को स्कूल में प्रवेश मिल गया और उसने कक्षा में जाना प्रारंभ कर दिया है। डॉ. वर्णिका शर्मा ने इस अवसर पर बच्ची को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए पूर्ण मनोयोग से अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया है। यह कदम छत्तीसगढ़ में ‘शिक्षा का अधिकार’ के तहत किसी भी पीड़ित की अपील पर आयोग द्वारा लिया गया एक ऐतिहासिक और प्रभावी कदम माना जा रहा है।




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