‘न्याय, सत्य और विधि के प्रति समर्पण’ की मिसाल बने सिंह, पूर्व न्यायाधीश पुत्र ने साझा किए पिता के वकालती जीवन के प्रेरणादायक संस्मरण
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। सत्य और न्याय के पथ पर समर्पित, वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश चंद्र सिंह के वकालती जीवन के गौरवशाली 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, रविवार को अधिवक्ता संघ मनेंद्रगढ़ द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, मनेंद्रगढ़ के प्रांगण में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्तागण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
न्यायिक अतिथियों ने किया अभिनंदन
समारोह में न्यायिक जगत की हस्तियाँ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक तिवारी मुख्य अतिथि रहे, जबकि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लोकेश कुमार ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। अतिथियों ने अपने संबोधन में रमेश चंद्र सिंह के लंबे वकालती जीवन, न्याय, सत्य और विधि के प्रति उनके अटूट समर्पण और प्रतिबद्धता की हृदय से प्रशंसा की।

वरिष्ठ सहयोगियों ने किया पेशेवर योगदान का बखान
कार्यक्रम की शुरुआत अधिवक्ता श्री गोपाल द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश चंद्र सिंह का विस्तृत जीवन परिचय प्रस्तुत करने से हुई। इसके पश्चात, अधिवक्ता रवि जायसवाल, कल्याण केसरी, आशीष सिंह और अनिल सिंह ने अपने प्रेरणादायक वक्तव्यों के माध्यम से उनके अनुशासन, पेशेवर योगदान और युवा अधिवक्ताओं के लिए उनकी मार्गदर्शक भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
पुत्र (पूर्व न्यायाधीश) और बहू ने व्यक्त किया आभार
अपने पिता के सम्मान पर, उनके पुत्र और पूर्व न्यायाधीश व्यंकटेश सिंह ने अधिवक्ता संघ के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने पिता के वकालती जीवन के प्रेरणादायक संस्मरण और उनके शिष्यों के प्रति उनके समर्पण के बारे में विचार साझा किए। रमेश सिंह की बहू पूनम सिंह ने भी मंच से अपने विचार रखे और सभी का आभार व्यक्त किया।

स्मृति चिह्न प्रदान कर किया गया सम्मानित
समारोह के समापन पर, अधिवक्ता संघ चिरमिरी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश चंद्र सिंह को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह संपूर्ण समारोह एक सौहार्दपूर्ण और सम्मानजनक वातावरण में संपन्न हुआ, जो विधि और न्याय के क्षेत्र में समर्पण के महत्व को रेखांकित करता है।
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