घर वापसी अभियान के सूत्रधार, आदिवासी अस्मिता के प्रहरी और राष्ट्रवादी मूल्यों के अडिग सेनानी को याद कर भावुक हुए मुख्यमंत्री कहा, जूदेव जी से सीखा राष्ट्र और समाज के लिए जीना

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने राजनीतिक गुरु और आदर्श, स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सीएम साय ने जूदेव जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी भी मौजूद रहे। सीएम विष्णुदेव साय ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि “स्व. दिलीप सिंह जूदेव जी केवल मेरे राजनीतिक मार्गदर्शक नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संस्कृति और राष्ट्रवाद के सबसे सशक्त स्तंभ थे।” उन्होंने याद करते हुए कहा कि जूदेव जी से उन्होंने राजनीति में ईमानदारी, निडरता और समाज सेवा के लिए जीवन समर्पित करने का भाव सीखा।
घर वापसी अभियान का ऐतिहासिक असर
साय ने जूदेव जी के नेतृत्व में प्रारंभ हुए ‘घर वापसी’ अभियान को एक ऐतिहासिक सामाजिक आंदोलन बताया, जिसने हजारों लोगों को उनकी मूल सनातन संस्कृति और परंपरा से जोड़ा। यह केवल धार्मिक पुनर्जागरण नहीं था, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का एक विराट जागरण था।

आदिवासी अस्मिता के प्रहरी
सीएम ने कहा कि जूदेव जी जल, जंगल और जमीन के मुद्दों पर आदिवासी समाज के अडिग रक्षक थे। वनांचल के हर कोने में उन्होंने आदिवासी गौरव को पुनर्स्थापित किया। उनके प्रयासों से जनजातीय समाज अपनी जड़ों से मजबूती से जुड़ा और राष्ट्रभक्ति की भावना प्रबल हुई।
सीएम साय ने भावुक होते हुए कहा —
जूदेव जी की राष्ट्रवादी मूल्यों के प्रति निष्ठा, उनका अडिग संकल्प, निडरता और ओजस्वी नेतृत्व आज भी मेरे हर फैसले में मार्गदर्शन करता है। वे केवल नेता नहीं, बल्कि मेरे राजनीतिक जीवन के पथप्रदर्शक थे।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री और उपस्थित जनों ने मौन रखकर उन्हें नमन किया। छत्तीसगढ़ के इतिहास और राजनीति में स्व. दिलीप सिंह जूदेव का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।



About The Author














