The specified slider id does not exist.

दिल के आकार वाले अस्पताल से दिल का ईलाज कराकर स्वस्थ हुए बच्चों से पीएम मोदी करेंगे दिल की बात, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी ने कहा, छत्तीसगढ़ गौरवान्वित

Share this post:

निःशुल्क इलाज से स्वस्थ हुए नन्हे-मुन्नों के साथ 1 नवंबर को होगा प्रधानमंत्री का वर्चुअल ‘भावनात्मक संवाद’, नवा रायपुर का श्री सत्य सांई संजीवनी हॉस्पिटल बनेगा सेवा का केंद्र-बिंदु

नई पहल न्यूज नेटवर्क। नवा रायपुर/नई दिल्ली। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ के उस महान सेवा यज्ञ के नायकों से सीधे जुड़ने जा रहे हैं, जो निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है। नवा रायपुर स्थित श्री सत्य सांई संजीवनी हॉस्पिटल से हृदय का सफल इलाज कराकर एक नया जीवन पाए बच्चों और उनके परिजनों के साथ प्रधानमंत्री ‘दिल की बात’ करेंगे। यह संवाद उन बच्चों के लिए एक प्रेरणास्रोत होगा, जिनकी गंभीर हृदय रोगों का इलाज इस अस्पताल में पूरी तरह निःशुल्क किया गया। प्रधानमंत्री का यह कदम न केवल इन नन्हे-मुन्नों का हौसला बढ़ाएगा, बल्कि श्री सत्य सांई ट्रस्ट की निस्वार्थ स्वास्थ्य सेवा और भारतीय स्वास्थ्य मॉडल की मानवीय पक्ष को भी दुनिया के सामने रखेगा। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने इसे छत्तीसगढ़ के लिए बड़ा सौभाग्य बताते हुए कहा, 1 नवंबर को प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ आगमन पर पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित होगा

सेवा का मंदिर: सांई संजीवनी जहाँ इलाज नहीं, सिर्फ ‘सेवा’ होती है

​श्री सत्य सांई संजीवनी हॉस्पिटल, नवा रायपुर अपनी तरह का एक अनूठा संस्थान है, जो पूरी तरह से ‘ईश्वर को मानव की सेवा’ के सिद्धांत पर चलता है। यह अस्पताल हृदय रोग से जूझ रहे बच्चों (विशेषकर जन्मजात हृदय रोग) का इलाज, ऑपरेशन और देखभाल पूरी तरह मुफ्त करता है। यहाँ इलाज का खर्च, दवाएं, और रहने-खाने की व्यवस्था भी निःशुल्क होती है, ताकि गरीब से गरीब परिवार का बच्चा भी गंभीर बीमारी से मुक्त हो सके।

  • फोकस: यह अस्पताल पिछले कई वर्षों से मध्य भारत के लाखों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बना है, जहाँ आर्थिक तंगी के कारण हृदय रोगों का महंगा इलाज कराना संभव नहीं था।
  • विशेषज्ञता: यहाँ देश और विदेश के उच्च प्रशिक्षित बाल हृदय रोग विशेषज्ञ (Pediatric Cardiologists) सेवा देते हैं।

पीएम मोदी पूछेंगे ‘स्वस्थ दिल’ और ‘सुनहरे भविष्य’ का हाल

​सूत्रों के अनुसार, 1 नवंबर का यह कार्यक्रम अत्यंत भावनात्मक होगा। प्रधानमंत्री मोदी उन बच्चों और उनके माता-पिता से व्यक्तिगत रूप से बात करेंगे, जिन्होंने यहाँ कायाकल्प होते देखा है।

  1. अनुभव जानना: PM बच्चों से पूछेंगे कि इलाज के बाद वे कैसा महसूस कर रहे हैं और अब वे कौन से खेल खेल पा रहे हैं, जो बीमारी के कारण छूट गए थे।
  2. माताओं से संवाद: वे विशेष रूप से माताओं से उनके संघर्ष और अस्पताल के अनुभव के बारे में पूछ सकते हैं।
  3. बढ़ावा: यह संवाद देश के अन्य निजी और धर्मार्थ संस्थानों को भी प्रेरित करेगा कि वे मानवता की सेवा के लिए आगे आएं।

सांई संजीवनी मॉडल: पीएम की नज़र में ‘निःस्वार्थ सेवा’ का प्रतीक

यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री ने इस अस्पताल के कार्यों की सराहना की है। श्री सत्य सांई संजीवनी हॉस्पिटल का यह मॉडल, जहाँ शून्य बिल की नीति है, प्रधानमंत्री की ‘सेवा परमो धर्म:’ की भावना के अनुरूप है। 1 नवंबर का यह संवाद इस बात का प्रमाण है कि सरकार ऐसे संस्थानों को न सिर्फ पहचानती है, बल्कि उनके काम को देश के सामने उदाहरण के रूप में रखती है। यह कार्यक्रम पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक बड़ी सकारात्मक खबर होगी, जो लाखों लोगों को निःशुल्क इलाज की संभावनाओं के प्रति जागरूक करेगी।

About The Author

Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

खबरें और भी हैं...

Advertisement Box

RO No. 13820/1

लाइव क्रिकट स्कोर

Gold and Silver price

मौसम अपडेट

राशिफल

© 2026 Nayi Pahal News  – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail