रक्षाबंधन पर कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने बुजुर्ग भाइयों की कलाइयों पर सजाई राखी कहा, “आपका आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी”

नई पहल न्यूज नेटवर्क। कोरिया। रक्षाबंधन का पर्व इस बार कोरिया में एक अनोखे अंदाज में मनाया गया। कलेक्टर चंदन त्रिपाठी सुबह अपने शासकीय आवास से सीधे बैकुंठपुर स्थित वृद्धाश्रम पहुंचीं। यहां उनका स्वागत किसी औपचारिक कार्यक्रम की तरह नहीं, बल्कि घर की बेटी की तरह हुआ।
तिलक, आरती और राखी से महका वृद्धाश्रम
कलेक्टर ने वहां मौजूद बुजुर्ग भाइयों और बहनों के माथे पर तिलक लगाया, दीप आरती की और एक-एक कर करीब 10 बुजुर्ग भाइयों की कलाइयों पर राखी बांधी। जैसे ही रक्षा सूत्र उनकी कलाइयों पर सजा, कई आंखें नम हो गईं। भावुक होकर बुजुर्गों ने कहा – “हमारे पास देने को कुछ नहीं, पर आशीर्वाद है कि आप खूब आगे बढ़ें और नाम कमाएं।”


भावुक पल और अपनापन
इस भावुक माहौल में कलेक्टर भी खुद को रोक नहीं पाईं। मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा – “आज जो भी हूं, मेहनत के साथ आप जैसे बुजुर्गों के आशीर्वाद का ही फल है।” यह सुनते ही वहां मौजूद हर चेहरे पर संतोष और गर्व का भाव आ गया।
‘आचार’ वाली प्यारी नोकझोंक
बातों-बातों में एक बुजुर्ग भाई ने संकोच से कहा – “पिछली बार आचार भेजा था, इस बार भी भेज देतीं तो अच्छा लगता।” यह सुनकर कलेक्टर ने तुरंत अपने घर से खुद का बनाया आचार भेजा। इसके साथ ही बुजुर्गों को शाल, फल और मिठाई भी भेंट की।

बुजुर्गों के लिए नए इंतजाम
कलेक्टर ने सभी से सेहत, भोजन और जरूरतों की जानकारी ली और समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि वृद्धाश्रम में पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य जांच, योगाभ्यास और बरसात के बाद किसी पर्यटन स्थल की सैर का प्रबंध किया जाए।
कलेक्टर का भावुक संदेश
कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने कहा – “यहां रहने वाले सभी बुजुर्ग मेरे परिवार जैसे हैं। उनकी देखभाल हमारी जिम्मेदारी है और राखी बांधने का यह अवसर मेरे लिए सौभाग्य की बात है।”


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