बदली तस्वीर : जिला पंचायत की प्रथम नागरिक से लेकर शहर की सुरक्षा तक, 30 से अधिक महिलाएं संभाल रही हैं जिले की कमान
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेन्द्रगढ़ | समाज में अक्सर यह कहा जाता रहा है कि घर चलाने की जिम्मेदारी महिलाओं की है और बाहर का शासन पुरुषों का। लेकिन जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) ने इस रुढ़िवादी सोच को पूरी तरह बदल दिया है। आज जिले की स्थिति यह है कि यहाँ ‘राज’ (राजनीतिक सत्ता) और ‘काज’ (प्रशासनिक व्यवस्था) दोनों ही मोर्चों पर नारी शक्ति का दबदबा है। जिले की प्रथम नागरिक (जिला पंचायत अध्यक्ष) से लेकर जिला मुख्यालय की प्रथम नागरिक (नगर पालिका अध्यक्ष) तक महिलाएं हैं। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद महिला एसपी संभाल रही हैं।
‘राज’ – राजनीति की बिसात पर महिला शक्ति का परचम
जिले के सर्वोच्च राजनीतिक पदों पर बैठी ये महिलाएं न केवल नीतियां बना रही हैं, बल्कि विकास कार्यों का नेतृत्व भी कर रही हैं। विधानसभा से लेकर नगरीय निकायों तक महिलाओं का दबदबा है।
- रेणुका सिंह: विधायक (भरतपुर-सोनहत) – पूर्व केंद्रीय मंत्री और कद्दावर नेत्री हैं।
- यशवंती सिंह: अध्यक्ष, जिला पंचायत – जिले की प्रथम नागरिक के रूप में पूरे जिले के ग्रामीण विकास की कमान इनके हाथ में है।
- प्रतिमा सरजू यादव: अध्यक्ष, नगर पालिका मनेन्द्रगढ़ – जिला मुख्यालय की प्रथम नागरिक, शहर की सरकार इन्हीं के नेतृत्व में चल रही है।
- जानकी बाई कुसरो: अध्यक्ष, जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ – ग्रामीण अंचलों में जमीनी स्तर पर योजनाओं को लागू करवा रही हैं।
- ललिता रामा यादव: अध्यक्ष, नगर पंचायत खोँगापानी – कोयलांचल क्षेत्र में स्थानीय निकाय का प्रभावी नेतृत्व।
- ज्योति गुप्ता: उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ – पंचायत राज में सशक्त भागीदारी।
- श्याम बाई मरकाम: अध्यक्ष, जनपद पंचायत खड़गवां – जनजातीय क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिख रही हैं।
‘काज’ – प्रशासनिक गलियारों में महिला अफसरों की धमक
जिले के प्रशासनिक ढांचे में अहम कुर्सियों पर बैठी महिला अफसर अपनी कार्यकुशलता और संवेदनशीलता से जिले को नई दिशा दे रही हैं।



- रत्ना सिंह (IPS): पुलिस अधीक्षक (SP) – पूरे जिले की सुरक्षा और कानून व्यवस्था की मुख्य प्रहरी।
- नम्रता डोंगरे: अपर कलेक्टर – जिले के राजस्व और प्रशासनिक कार्यों के बीच सेतु का काम कर रही हैं।
- इंदिरा मिश्रा: एसडीएम/डिप्टी कलेक्टर – अनुविभागीय न्याय व्यवस्था और राजस्व मामलों का निपटारा।
- अंकिता सोम: (सीईओ जिला पंचायत) – जिले में केंद्र और राज्य की विकास योजनाओं का सफल क्रियान्वयन।
- तरसीला टोप्पो: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक – पुलिसिंग और जिले में अपराध नियंत्रण की कमान।
- दीपिका मिंज: नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) – शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था का प्रबंधन।
- श्रुति धुर्वे: तहसीलदार, मनेन्द्रगढ़ – जिला मुख्यालय के राजस्व प्रशासन का महत्वपूर्ण चेहरा।
- वैशाली सिंह: सीईओ, जनपद मनेन्द्रगढ़ – पंचायत स्तर पर प्रशासनिक प्रबंधन।
- सिद्धि गबेल: तहसीलदार, खड़गवां – क्षेत्र में सरकारी योजनाओं और भूमि संबंधी विवादों का निराकरण।
- सतरूपा साहू: तहसीलदार, केल्हारी – दूरस्थ अंचलों में प्रशासन की पहुँच सुनिश्चित कर रही हैं।
- अंजना वाईक्लिफ: मुख्य नगर पंचायत अधिकारी, लेदरी – निकाय प्रशासन में कुशलता।
खास वर्जन: क्या कहती हैं ‘राज’ और ‘काज’ की ये नायक
रेणुका सिंह (विधायक, भरतपुर-सोनहत): “महिलाएं अब नीति निर्धारण के केंद्र में हैं। एमसीबी में प्रशासनिक और राजनीतिक नेतृत्व का यह समन्वय इस बात का प्रमाण है कि हम विकास की नई इबारत लिखने के लिए तैयार हैं। आज की महिला सशक्त है और हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है।”

अंकिता सोम (सीईओ जिला पंचायत): “जिले में विकास कार्यों को गति देना और शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुँचाना हमारा मुख्य लक्ष्य है। प्रशासनिक दक्षता में महिलाओं की भागीदारी से व्यवस्था में पारदर्शिता और संवेदनशीलता आई है।”

प्रतिमा सरजू यादव (अध्यक्ष, नपा मनेन्द्रगढ़): “नगर सरकार के माध्यम से हम शहर के सौंदर्यीकरण और मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान दे रहे हैं। मनेन्द्रगढ़ मुख्यालय की प्रथम नागरिक के रूप में मेरा प्रयास शहर को एक आदर्श पहचान दिलाना और महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाना है।”

नम्रता डोंगरे (अपर कलेक्टर, एमसीबी): “प्रशासनिक काम की प्रकृति चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन सटीक समन्वय के साथ हम इसे बेहतर ढंग से कर पा रहे हैं। राजस्व से जुड़े मामलों का समय पर निराकरण और जनता की समस्याओं को सुनना हमारी प्राथमिकता है।”

इंदिरा मिश्रा (एसडीएम, केल्हारी): “एक अधिकारी के रूप में जनता की शिकायतों का त्वरित निराकरण और कानून के दायरे में रहकर न्याय सुनिश्चित करना ही हमारी जिम्मेदारी है। महिला अधिकारियों की बढ़ती संख्या समाज के लिए एक बड़ा संदेश है।”

ललिता रामा यादव (अध्यक्ष, नगर पंचायत खोंगापानी): “स्थानीय निकायों में महिलाओं का आना जमीनी स्तर पर विकास की नई सोच को जन्म देता है। हम वार्डों की छोटी-बड़ी समस्याओं को सुलझाने और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए निरंतर सक्रिय हैं।”
आंकड़ों में आधी आबादी का पूरा दम
दस्तावेजों और सरकारी डायरेक्टरी के विश्लेषण के अनुसार एमसीबी जिले की स्थिति:
- महिला प्रशासनिक अधिकारी: जिले के मुख्य विभागों में 18 महिला अधिकारी राजपत्रित पदों पर पदस्थ हैं।
- महिला जनप्रतिनिधि: जिला पंचायत, जनपद और नगरीय निकायों को मिलाकर 15 से अधिक महिलाएं शीर्ष पदों पर हैं।
- सुरक्षा चक्र: पुलिस विभाग के तीन सबसे बड़े पदों (SP, DSP, CSP) पर महिलाएं ही तैनात हैं।
एमसीबी जिला आज पूरे प्रदेश के लिए एक ‘मॉडल’ है, जहाँ ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का नारा हकीकत में जमीन पर उतर चुका है। यहाँ की बेटियां अब केवल आदेश सुनती नहीं हैं, बल्कि आदेश जारी करती हैं।




