मां की ममता पर उठे सवाल, मंदिर में मिली नवजात को पुलिस ने रेस्क्यू कर जिला अस्पताल में कराया भर्ती

नई पहल न्यूज नेटवर्क। कवर्धा। मां — जिसके आंचल में दुनिया की सबसे सुरक्षित पनाह होती है, जिसने अपने लहू से किसी नन्ही जान को जन्म दिया, वही मां जब अपनी ममता से मुंह मोड़ ले, तो दिल को चीर देने वाली कहानियां जन्म लेती हैं। चिल्फी थाना क्षेत्र में गुरुवार रात ऐसा ही एक दृश्य सामने आया, जिसने इंसानियत को झकझोर दिया। हनुमान मंदिर के पास रोते-बिलखते एक नवजात की मासूम किलकारियां सुनकर आसपास के लोग सन्न रह गए। वह बच्ची भगवान भरोसे पड़ी थी। किसी अज्ञात व्यक्ति ने, संभवतः उसकी मां, उसे वहां छोड़ दिया और चली गई।
गवाहों की मदद से महिला की तलाश में जुटी महिला

सूचना मिलते ही थाना चिल्फी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। साल्हेवारा के दो युवकों की मदद से बच्ची को सुरक्षित गोद में उठाया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिल्फी में प्रारंभिक जांच के बाद, बेहतर देखभाल के लिए उसे जिला अस्पताल कवर्धा रेफर किया गया। चिकित्सकों ने उसकी उम्र लगभग एक हफ्ते बताई है। फिलहाल बच्ची स्वस्थ है और अस्पताल में आवश्यक देखरेख की जा रही है। घटना की जानकारी चाइल्ड केयर यूनिट को भी दी जा चुकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और गवाहों की मदद से उस महिला की तलाश में जुटी है, जिसने अपनी कोख के टुकड़े को यूं भगवान के दर पर छोड़ दिया।
मातृत्व पर सवाल, इंसानियत की कसौटी पर पुलिस खरी
यह घटना न केवल कानून, बल्कि संवेदनाओं के स्तर पर भी गंभीर है। मातृत्व, जो त्याग और ममता का प्रतीक है, इस मामले में सवालों के घेरे में है। वहीं, पुलिस ने मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखते हुए बच्ची की जान बचाई और समाज के सामने एक मिसाल पेश की।


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