परंपरा में टूटती रूढ़ियाँ, एसएसपी ने कहा: वर्दी में बेटियों का आत्मविश्वास, यही है आने वाले कल का संदेश !

नई पहल न्यूज नेटवर्क। बिलासपुर। विजयादशमी का पावन अवसर इस बार बिलासपुर पुलिस लाइन में आत्मविश्वास, शक्ति और अदम्य साहस के नाम रहा! शस्त्र पूजन का यह आयोजन उन सदियों पुरानी रूढ़ियों को तोड़ता दिखा, जो महिलाओं को कुछ ही भूमिकाओं तक सीमित रखती हैं। वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारियों ने न केवल पूर्ण विधि-विधान से शस्त्रों की पूजा की, बल्कि सिविल ड्रेस में हाथों में बंदूक थामकर आकाश की ओर हर्ष फायरिंग कर नारी सशक्तिकरण की एक ऐतिहासिक मिसाल पेश की। इस अविस्मरणीय दृश्य को देखकर पुलिस लाइन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। एएसपी अर्चना झा, एएसपी गरिमा द्विवेदी, डीएसपी रश्मीत कौर चावला और एसडीओपी नूपुर उपाध्याय जैसी अधिकारियों का यह निर्भीक प्रदर्शन हर उस युवती के लिए एक मजबूत संदेश था, जो पुलिस सेवा में आने का सपना देखती है। आज की इन तस्वीरों ने स्पष्ट कर दिया है कि महिलाएँ अब सिर्फ परिवार में नहीं, बल्कि साहस और जिम्मेदारी के हर मोर्चे पर नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

सिविल ड्रेस में हाथों में शस्त्र थामे, शूट करती इन अधिकारियों की तस्वीरें न केवल किसी फिल्म के दृश्य से कम नहीं थीं, बल्कि ये हर उस युवती के लिए एक मजबूत संदेश थीं जो पुलिस सेवा में आने का सपना देखती है।

परंपरा का निर्वहन, शक्ति का प्रदर्शन
इस ऐतिहासिक शस्त्र पूजन में जिले की कई वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इनमें प्रमुख रूप से एएसपी अर्चना झा (आईयूसीएडब्लू), एएसपी गरिमा द्विवेदी, डीएसपी हेड क्वार्टर रश्मीत कौर चावला और एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय शामिल थीं। इन सभी राज्य पुलिस सेवा की अधिकारियों ने शस्त्र पूजन के बाद हर्ष फायरिंग कर यह स्पष्ट कर दिया कि आज महिलाएँ साहस और जिम्मेदारी के हर मोर्चे पर पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं।एसएसपी रजनेश सिंह और एएसपी सीएसपी सहित अन्य अधिकारियों और जवानों ने इस नज़ारे को गर्व और उत्साह से भरा हुआ बताया।
एसएसपी रजनेश सिंह का सशक्त संदेश
एसएसपी रजनेश सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “शस्त्र पूजन में महिला अधिकारियों की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाला कल नारी शक्ति का है। यह दृश्य उन सभी बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो दृढ़ संकल्प और मेहनत से पुलिस की वर्दी पहनकर देश-प्रदेश की सेवा करना चाहती हैं। यह साबित करता है कि महिलाएँ अब चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारी भरे हर क्षेत्र में अदम्य साहस का परिचय दे रही हैं।”
यह आयोजन उन रूढ़ियों को तोड़ता है जो महिलाओं को केवल कुछ विशेष भूमिकाओं तक सीमित रखती हैं। बिलासपुर पुलिस लाइन ने यह स्थापित कर दिया है कि पुलिस प्रशासन जैसे चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदार क्षेत्र में भी महिलाएँ शक्ति और नेतृत्व का पर्याय हैं।








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