रोजगार, शिक्षा और विकास के मुद्दों पर शिवांश जैन के नेतृत्व में कांग्रेस का हल्ला बोल, SECL महाप्रबंधक को सौंपा 4 सूत्रीय मांग पत्र
नई पहल न्यूज नेटवर्क। चिरमिरी। क्षेत्र की उपेक्षा और स्थानीय युवाओं के भविष्य को लेकर आज ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने कड़ा रुख अख्तियार किया। ब्लॉक अध्यक्ष शिवांश जैन के नेतृत्व में कांग्रेस के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने SECL चिरमिरी क्षेत्र के महाप्रबंधक से मुलाकात कर क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं पर हुंकार भरी। प्रतिनिधि मंडल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय हितों की अनदेखी हुई, तो कांग्रेस जनहित में उग्र आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी।

प्रमुख मांगें: जिन पर टिका है चिरमिरी का भविष्य
बैठक के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपते हुए निम्नलिखित मुद्दों पर त्वरित समाधान की मांग की:
- स्थानीय रोजगार पर पहला अधिकार: ‘अंजनहिल नवीन प्राइवेट खदान’ के संचालन में बाहरी लोगों के बजाय क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।
- मंगल भवन से हटे स्टे: डोमन्हिल मंगल भवन पर लगे स्टे को तत्काल हटाकर इसे जनता के सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों के लिए बहाल किया जाए।
- शिक्षा का विस्तार: डीएवी पब्लिक स्कूल (बरतुंगा) में बढ़ते दबाव को देखते हुए LKG में एक अतिरिक्त सेक्शन शुरू किया जाए ताकि बच्चों को प्रवेश के लिए भटकना न पड़े।
- स्वच्छ चिरमिरी का संकल्प: क्षेत्र में बदहाल सफाई व्यवस्था को सुधारने और नियमित कचरा प्रबंधन के लिए ठोस कार्ययोजना लागू की जाए।
“जनता के हितों से समझौता नहीं” – शिवांश जैन
चर्चा के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए ब्लॉक अध्यक्ष शिवांश जैन ने कहा:
“चिरमिरी की धरती का कोयला देश को रोशन कर रहा है, तो यहाँ के युवाओं के भविष्य में अंधेरा क्यों? हमने GM महोदय को दो टूक शब्दों में कह दिया है कि अंजनहिल खदान में स्थानीय युवाओं को रोजगार देना होगा। मंगल भवन और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर हम कोई समझौता नहीं करेंगे। हम सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद करते हैं, अन्यथा संघर्ष जारी रहेगा।”
प्रतिनिधि मंडल में प्रमुख उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में नेता प्रतिपक्ष गायत्री बिरहा, मंडल अध्यक्ष उमाशंकर, रामप्यारे चौहान, इंद्रजीत सिंह लाटू, उपनेता प्रतिपक्ष इकराम आजमी, पार्षद राहुल भाई पटेल, शहाबुद्दीन, अनीश, उदय सिंह, मुमताज और गणेश वर्मा सहित अन्य कांग्रेसी पदाधिकारी उपस्थित थे।



महाप्रबंधक का आश्वासन: SECL के महाप्रबंधक ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया है कि उठाई गई मांगों पर नियमानुसार शीघ्र ही आवश्यक और सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।




