मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वर्चुअली किया शिव महापुराण कथा का समापन संबोधन

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। पावन श्रावण मास के अंतिम सोमवार को छत्तीसगढ़ की आस्था भूमि फिर से भक्तिमय हो उठी, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के मयाली स्थित मधेश्वर धाम में आयोजित दिव्य शिव महापुराण कथा के समापन समारोह को रायपुर से वर्चुअली संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए आयोजन समिति की सराहना की। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि मधेश्वर महादेव धाम के विकास हेतु ₹10 करोड़ की राशि केंद्र सरकार से प्राप्त हुई है और राज्य सरकार तीव्र गति से श्रद्धालुओं की सुविधा, अधोसंरचना निर्माण व धार्मिक पर्यटन के विस्तार हेतु कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि शिव व शक्ति की ऊर्जा से ओतप्रोत है, और यहां के देवस्थल प्रदेश को आध्यात्मिक समृद्धि प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में स्थित प्रमुख शिव स्थलों – मयाली के मधेश्वर महादेव, कवर्धा के बाबा भोरमदेव, राजिम के कुलेश्वर महादेव, गरियाबंद के भूतेश्वर महादेव और खरौद के लक्ष्मणेश्वर महादेव – का उल्लेख करते हुए प्रदेश को “शिवमय छत्तीसगढ़” बताया।

शक्ति कॉरिडोर योजना से जुड़ेगा श्रद्धा और विकास का सेतु

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शक्ति उपासना को समर्पित पांच प्रमुख शक्तिपीठों – डोंगरगढ़ की बमलेश्वरी देवी, रतनपुर की महामाया, चंद्रपुर की चंद्रहासिनी, दंतेवाड़ा की दंतेश्वरी देवी – के विकास के लिए ‘शक्ति कॉरिडोर योजना’ आरंभ की गई है। इससे छत्तीसगढ़ का धार्मिक मानचित्र और अधिक समृद्ध होगा।
श्रद्धालुओं को जोड़ रही श्रीरामलला दर्शन योजना
श्री साय ने जानकारी दी कि अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु श्रीरामलला के दर्शन कर अयोध्या धाम की यात्रा का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। इस योजना के माध्यम से लोगों को प्रभु श्रीराम से सीधा जुड़ाव अनुभव हो रहा है।
तीर्थदर्शन योजना से वरिष्ठ नागरिकों को मिल रहा आत्मिक संतोष
मुख्यमंत्री ने पुनः प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें राज्य के बुजुर्ग श्रद्धालु देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों का दर्शन कर रहे हैं। यह योजना उनके जीवन में न केवल आस्था बल्कि संतोष भी ला रही है। अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हुए बाबा भोलेनाथ से प्रार्थना की कि छत्तीसगढ़वासियों पर उनकी कृपा बनी रहे। उन्होंने महामधेश्वर धाम समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और विश्वास जताया कि सरकार श्रद्धा, संस्कृति और विकास को साथ लेकर छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी।


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