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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का ‘सुशासन-मंत्र’: कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में सख्त संदेश, जनहित में लापरवाही बर्दाश्त नहीं !

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धान खरीदी में ‘जीरो टॉलरेंस’ और मलेरिया उन्मूलन पर विशेष फोकस, प्रशासनिक कसावट के नए मानक तय

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में प्रशासनिक सख्ती और परिणाम-केंद्रित कार्यशैली का स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’ की जाएगी। मंत्रालय (महानदी भवन) में निर्धारित समय से पहले शुरू हुई बैठक ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री की वर्क-डिसिप्लिन का सीधा परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुशासन का अर्थ केवल रिपोर्टिंग नहीं, बल्कि योजनाओं का अंतिम लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुँचना है।

प्रमुख निर्देश और प्रशासनिक एजेंडा

1. धान खरीदी: कलेक्टर सीधे जिम्मेदार, कमांड सेंटर से निगरानी

  • सख्त चेतावनी: मुख्यमंत्री ने 15 नवंबर से शुरू हो रही धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए दो टूक कहा कि “किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सीधे कलेक्टर जिम्मेदार होंगे।”
  • टेक्नोलॉजी का उपयोग: पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से धान खरीदी केंद्रों की सघन मॉनिटरिंग की जाएगी।
  • अवैध आवाजाही पर रोक: अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए, ताकि बाहर से धान की अवैध आवाजाही को रोका जा सके।
  • जनजातीय फोकस: विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों का 100% पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए।

2. स्वास्थ्य और पोषण: मलेरिया पर ‘अंतिम प्रहार’ की तैयारी

  • मातृ-शिशु स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री ने शत प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में सुनिश्चित करने और टीकाकरण की स्थिति का फील्ड वेरिफिकेशन करने को कहा।
  • अनिवार्य ऑडिट: मैटरनल डेथ ऑडिट को हर मामले में अनिवार्य किया गया है, ताकि रोकथाम की प्रभावी रणनीति बन सके।
  • विशेष अभियान: बस्तर संभाग के मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों (‘हॉटस्पॉट’) की पहचान कर वहां विशेष उन्मूलन अभियान चलाने पर जोर दिया गया, ताकि ‘मलेरिया-मुक्त राज्य’ का लक्ष्य शीघ्र हासिल हो।
  • बुजुर्गों को लाभ: प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत पात्र वृद्धजनों के पंजीयन और कार्ड निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

3. शिक्षा में नवाचार और डिजिटल पारदर्शिता

  • शत प्रतिशत लक्ष्य: ड्रॉपआउट शून्य करने और सकल नामांकन अनुपात को 100% करने का लक्ष्य किसी भी हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
  • स्थानीय जुड़ाव: बीजापुर जिले की गोंडी भाषा में शिक्षण की सराहना करते हुए अन्य जिलों को भी शिक्षा को स्थानीय संस्कृति और भाषा से जोड़ने के लिए नवाचार अपनाने की सलाह दी गई।
  • आधार-बेस्ड APAR ID: 31 दिसंबर तक सभी विद्यार्थियों की आधार-बेस्ड APAR ID बनाकर रजिस्ट्रेशन पूरा करने का निर्देश दिया गया, जो गणवेश, किताबें और छात्रवृत्ति वितरण में डिजिटल पारदर्शिता लाएगी।
  • मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान: स्कूलों के सामाजिक अंकेक्षण और ग्रेडिंग के लिए यह अभियान शुरू करने की घोषणा की गई।

4. फ्लैगशिप योजनाओं पर सघन निगरानी

  • PM किसान सम्मान निधि: यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि एक भी पात्र किसान योजना से वंचित न रहे। कमिश्नरों को बस्तर और सरगुजा संभाग में विशेष समीक्षा के निर्देश दिए गए।
  • PM सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना: ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को बैंक फाइनेंस की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि योजना का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुँचे।

मुख्यमंत्री ने अंत में अधिकारियों को याद दिलाया कि “जनता के बीच आपकी उपस्थिति और संवेदनशीलता ही आपकी पहचान है।” उन्होंने प्रभारी सचिवों और संभागायुक्तों को नियमित रूप से योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करने के निर्देश देते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि आगामी दिनों में छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक प्रदर्शन में परिणाम दिखना अनिवार्य होगा।

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