छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिकता का मेल, 200 विधायकों और 500 दर्शकों की क्षमता वाला सदन होगा तैयार
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर।
छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष में राज्य को एक ऐतिहासिक तोहफा मिलने जा रहा है। नवा रायपुर में निर्माणाधीन नवीन विधानसभा भवन का कार्य अब अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री व लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज स्थल पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और इसे सितंबर 2025 तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा, “यह छत्तीसगढ़ का रजत जयंती वर्ष है और यह भवन हमारी राजनीतिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक पहचान का प्रतीक बनेगा। इसका लोकार्पण राज्योत्सव (1 नवंबर) के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से कराने का प्रस्ताव है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी निर्माण कार्य की सराहना करते हुए कहा कि भवन का निरीक्षण कर विधानसभा सदन, मुख्यमंत्री कक्ष और विधानसभा अध्यक्ष कक्ष सहित सम्पूर्ण परिसर की प्रगति देखी गई है। यह भवन समयसीमा के भीतर पूर्ण होगा और देशभर में छत्तीसगढ़ की एक नई पहचान बनेगा।

क्या होगा खास इस नवीन विधानसभा भवन में ?

यह भव्य परिसर 52 एकड़ क्षेत्र में निर्मित हो रहा है।
सदन में 200 विधायकों की बैठक क्षमता होगी।
500 दर्शकों के लिए आधुनिक ऑडिटोरियम तैयार किया जा रहा है।

भवन में तीन मुख्य विंग होंगे :
विंग-A: विधानसभा सचिवालय
विंग-B: विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री कार्यालय, सेंट्रल हॉल
विंग-C: उप मुख्यमंत्रियों और अन्य मंत्रियों के कार्यालय
परिसर में 700 वाहनों के लिए पार्किंग, साथ ही दो प्रस्तावित सरोवर विकसित किए जाएंगे, प्रत्येक लगभग डेढ़ एकड़ में।

संस्कृति और आधुनिकता का संगम
नवीन भवन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का बेहतरीन समावेश होगा। यह केवल एक सरकारी ढांचा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आत्मा और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बनेगा।निरीक्षण के दौरान अजय जामवाल, पवन साय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, और प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी उपस्थित रहे।


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