संगठन चुनाव में खोंगापानी बना ‘सुपर पावर सेंटर’, 6 में से 4 दिग्गज एक ही क्षेत्र से; आब्जर्वर के सामने अख्तर ने गिनाया 14 साल का भारी-भरकम प्रोफाइल
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के आगामी 29 मई से शुरू हो रहे संगठन चुनाव का रोमांच अब सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। एमसीबी जिले में यूथ कांग्रेस के ‘ताज’ के लिए चल रही सियासी जंग अब पूरी तरह से ‘खोंगापानी बनाम अन्य’ में तब्दील हो गई है। मैदान में अब एक और बेहद मजबूत और छात्र राजनीति के दिग्गज चेहरे अख्तर अली (प्रदेश महासचिव, NSUI) की एंट्री हो चुकी है।
अख्तर अली की दावेदारी के बाद अब कुल उम्मीदवारों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है, जिसमें से अकेले 4 कद्दावर दावेदार सिर्फ खोंगापानी क्षेत्र से हैं। इस नए समीकरण ने पूरी चुनावी बिसात को हिलाकर रख दिया है और पहले जिलाध्यक्ष हाफ़िज़ मेमन की कुर्सी के लिए मुकाबला अब बेहद कड़ा और दिलचस्प हो चुका है।
डिजिटल दंगल: नामांकन और वोटिंग के लिए ढीली होगी जेब
हाईटेक और डिजिटल हो चुके इस चुनाव में दिल्ली और रायपुर हाईकमान ने नए नियम तय किए हैं:
- नामांकन शुल्क: जिलाध्यक्ष पद की दावेदारी के लिए ऑनलाइन 7,500 रुपए की राशि जमा करनी होगी।
- वोटिंग शुल्क: अपने नेता को जिताने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रति मेंबरशिप 75 रुपए देने होंगे, जो पहले 50 रुपए हुआ करता था। इसके बावजूद सभी खेमे अपनी डिजिटल फौज खड़ी करने में जुटे हैं।
खोंगापानी के 4 महारथी: जानिए इस ‘पावर सेंटर’ का गणित
इस चुनाव का सबसे बड़ा आकर्षण खोंगापानी क्षेत्र बन गया है, जहाँ से एक से बढ़कर एक 4 धुरंधर आमने-सामने हैं:
- 1. अख्तर अली (प्रदेश महासचिव, NSUI): छात्र राजनीति का एक बेहद भारी-भरकम और अनुभवी नाम। अख्तर 2012 से लगातार अब तक (लगभग 14 सालों से) छात्र राजनीति में सक्रिय हैं। उनके पास रुंगटा कॉलेज NSUI अध्यक्ष, रायपुर NSUI जिला उपाध्यक्ष, छात्र संघ चुनाव प्रभारी और वर्तमान में NSUI प्रदेश सचिव व प्रदेश महासचिव जैसी बड़ी सांगठनिक जिम्मेदारियों का लंबा तजुर्बा है। राजधानी रायपुर से लेकर जमीनी स्तर तक उनकी मजबूत नेटवर्किंग है।
इनसाइड स्टोरी: खोंगापानी में वोटों का बिखराव या खड़गवां मारेगा बाजी ?
राजनीतिक गलियारों में इस बात की सबसे ज्यादा चर्चा है कि जब एक ही क्षेत्र (खोंगापानी) से 4-4 दिग्गज नेता मैदान में होंगे, तो वहाँ का युवा वोट बैंक बुरी तरह से चार हिस्सों में बंट सकता है। अख्तर अली के आने से NSUI कैडर के वोटों का समीकरण पूरी तरह बदल गया है। खोंगापानी के इस आंतरिक टकराव का सीधा फायदा खड़गवां बेल्ट के मजबूत दावेदार मनोज शर्मा या वरिष्ठ छात्र नेता तरुणेंद्र पांडेय को मिल सकता है। यह चुनाव अब केवल उम्मीदवारों का नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे से अपनी गोटियां फिट कर रहे जिले के बड़े कांग्रेसी आकाओं की साख का भी लिटमस टेस्ट बन चुका है। 29 मई से शुरू हो रही इस वोटिंग की जंग में देखना बेहद रोमांचक होगा कि एमसीबी का ‘युवा सुल्तान’ कौन बनता है!
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