पहली बार ठेकेदार श्रमिक प्रतिनिधि भी शामिल, सुरक्षा संस्कृति को और मजबूती देने पर जोर

नई पहल न्यूज नेटवर्क। बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में 49वीं त्रिपक्षीय खान सुरक्षा समिति की बैठक 8 अगस्त को भव्य रूप से संपन्न हुई। यह बैठक खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) पश्चिमी अंचल नागपुर एवं उत्तरी अंचल गाजियाबाद के तत्वावधान में आयोजित हुई, जिसमें रायगढ़, बिलासपुर और जबलपुर क्षेत्र शामिल रहे।
बैठक की अध्यक्षता एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन ने की। इस अवसर पर निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रेंकलिन जयकुमार, निदेशक (एचआर) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार सहित शीर्ष प्रबंधन मौजूद रहा। डीजीएमएस से उप महानिदेशक रामावतार मीना और नीरज कुमार समेत विभिन्न क्षेत्रीय निदेशक भी उपस्थित रहे।
पहली बार ठेकेदार श्रमिक प्रतिनिधि शामिल

बैठक की विशेषता रही कि पहली बार ठेकेदार श्रमिकों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया। इसका उद्देश्य उन्हें खदानों में सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षा मानकों के बेहतर अनुपालन को बढ़ावा देना था।

सुरक्षा पर छह घंटे की मैराथन चर्चा
बैठक की शुरुआत कॉरपोरेट गीत और श्रमवीरों को श्रद्धांजलि के साथ हुई। इसके बाद सुरक्षा शपथ दिलाई गई। छह घंटे से अधिक चली इस बैठक में पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से—
कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का अनुपालन
नवीनतम सुरक्षा तकनीक और डिजिटाइजेशन
प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास
सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाने
पर विस्तृत चर्चा की गई।
एसईसीएल की प्रतिबद्धता: सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि “खान सुरक्षा कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है”। बैठक में तय किया गया कि, प्रोजेक्ट रिपोर्ट व वैज्ञानिक अध्ययन की अनुशंसाओं को लागू किया जाएगा। सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान और एसओपी का सख्ती से पालन होगा। प्रशिक्षण व्यवस्थाओं को और सशक्त बनाया जाएगा। यह बैठक न केवल एसईसीएल के सुरक्षा दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम रही, बल्कि पहली बार ठेकेदार श्रमिकों की सहभागिता ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।


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