भाषण, पेंटिंग और प्रश्नोत्तरी के माध्यम से विद्यार्थियों ने दी भारत रत्न डॉ. अंबेडकर को भावांजलि, वेशभूषा ने मोहा सबका मन
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। शिक्षा के माध्यम से समाज में समानता का दीप जलाने वाले बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती एकेडमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल में अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। विद्यालय परिसर उस समय श्रद्धा और प्रेरणा से भर उठा जब नन्हे मुन्नों ने संविधान की प्रति हाथ में लेकर बाबा साहब के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
दीप प्रज्वलन से हुआ कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ
उत्सव का आगाज विद्यालय के प्राचार्य पी. रविशंकर एवं वरिष्ठ शिक्षकों द्वारा बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन कोऑर्डिनेटर रूबी पासी ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में बाबा साहब को समाज सुधारक और आधुनिक भारत का निर्माता बताते हुए कहा कि छुआछूत जैसी कुरीतियों के खिलाफ उनकी लड़ाई और संविधान निर्माण का संकल्प हर भारतीय के लिए मार्गदर्शक है।
विद्यार्थियों की वाणी में दिखा बाबा साहब का व्यक्तित्व
विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी वाक्पटुता से समां बांध दिया। अंशुमन सिंह, सान्वी, रिचा, साहिमा, शेरिन, निहारिका, जैनब, हिमांशु, कुणाल, राम सिंह, अरनव, अर्पिता, अनुप्रिया, दीपिका और आयांश ने ओजस्वी भाषणों के माध्यम से डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्षों को साझा किया। वहीं, कीर्ति दुबे द्वारा आयोजित प्रश्नोत्तरी ने विद्यार्थियों के ज्ञान को परखने के साथ-साथ उन्हें बाबा साहब के जीवन के अनछुए पहलुओं से परिचित कराया।
मंच पर जीवंत हुआ छात्र जीवन: लघु नाटिका ने किया भावुक
कक्षा सातवीं के विद्यार्थियों— शिक्षा वैश्य, रितिका, अक्षिता, तृषिका, आशुतोष, तुषार, आदित्य, समर्थ और कार्तिकेय ने एक मर्मस्पर्शी लघु नाटिका प्रस्तुत की। इस नाटिका के माध्यम से बाबा साहब के छात्र जीवन और शिक्षा प्राप्त करने के लिए उनके कड़े संघर्ष को दर्शाया गया, जिसने दर्शकों को शिक्षा के महत्व को गहराई से समझने पर मजबूर कर दिया।
कला और कविता का अनूठा संगम
- काव्य पाठ: ख्याति बोथरा, याम्या, नव्या, अपूर्वी और खुशबू ने अपनी कविताओं के जरिए छात्रों में नई चेतना का संचार किया।
- वेशभूषा: कार्यक्रम का विशेष आकर्षण अयान हुसैन, प्रज्वल, अनुश और लक्ष्य रहे, जो बाबा साहब के पारंपरिक परिधान में हाथ में संविधान की किताब लिए नजर आए।
- चित्रकला: आराध्या तिवारी, पलक, स्वरा, पूर्वी, आरोही, खुशबू, दीप, ललिता, रिया, अंशिका और ओजस ने अपनी खूबसूरत पेंटिंग्स के जरिए बाबा साहब के जीवन के विभिन्न पड़ावों को कैनवास पर उकेरा।
‘उच्च शिक्षा ही सफलता की कुंजी’: प्राचार्य का संदेश
समापन संबोधन में प्राचार्य पी. रविशंकर ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि बाबा साहब की तरह उच्च शिक्षा प्राप्त करना ही जीवन के लक्ष्यों को पाने का एकमात्र मार्ग है। कार्यक्रम के अंत में प्रियंका शाह ने बच्चों को बाबा साहब के आदर्शों को दैनिक जीवन में उतारने की सीख दी। विद्यालय के संचालक मंडल ने भी सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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