छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी ट्रेन; रेलवे पर नहीं आएगा कोई अतिरिक्त वित्तीय भार, 7 घंटे खाली खड़ी रहने वाली रैक का होगा सदुपयोग
नई पहल न्यूज नेटवर्क|नई दिल्ली/कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सजग सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने क्षेत्र की जनता की वर्षों पुरानी और बेहद महत्वपूर्ण मांग को लेकर मोदी सरकार के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक बेहद प्रभावशाली पत्र लिखा है। सांसद महंत ने गाड़ी संख्या 11201/11202 शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस का विस्तार मनेन्द्रगढ़ तक करने की मांग उठाई है। इस ऐतिहासिक कदम से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के लगभग 10 लाख से अधिक लोगों को नागपुर जैसे बड़े महानगर के लिए सीधी ट्रेन कनेक्टिविटी मिल सकेगी। सबसे खास बात यह है कि इस विस्तार से रेलवे पर ₹1 का भी अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा, बल्कि रेलवे के राजस्व में भारी वृद्धि सुनिश्चित होगी।

7 घंटे खाली खड़ी रहती है ट्रेन, बिना खर्च बदलेगी 10 लाख लोगों की किस्मत

सांसद ज्योत्सना महंत ने पत्र में तकनीकी और परिचालन की दृष्टि से बेहद सटीक तर्क प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस शहडोल स्टेशन पर पहुंचने के बाद लगभग सात घंटे तक खाली खड़ी रहती है। यदि इस खाली समय का सदुपयोग करते हुए ट्रेन को मनेन्द्रगढ़ तक संचालित किया जाए, तो रेलवे को किसी भी प्रकार का नया इन्फ्रास्ट्रक्चर या अतिरिक्त वित्तीय भार वहन नहीं करना पड़ेगा। मनेन्द्रगढ़ से शहडोल की दूरी एवं यात्रा समय लगभग पाँच घंटे है, जिससे इस उपलब्ध समय का शत-प्रतिशत प्रभावी और व्यावहारिक उपयोग संभव है।
इन क्षेत्रों के यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा
ट्रेन के मनेन्द्रगढ़ तक विस्तार से दोनों राज्यों के एक बड़े भूभाग की परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ होगी। इससे मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों को सीधा लाभ पहुंचेगा:
- छत्तीसगढ़ के क्षेत्र: कोरिया, एमसीबी (मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर), चिरमिरी, खड़गवां और सरगुजा जिला।
- मध्य प्रदेश के क्षेत्र: अनूपपुर, कोतमा और इनके आस-पास के सभी सीमावर्ती ग्रामीण व शहरी इलाके।
वर्तमान में इन क्षेत्रों के यात्रियों को नागपुर जाने के लिए कई बार ट्रेनें बदलनी पड़ती हैं या फिर सड़क मार्ग से लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की भारी बर्बादी होती है। सीधी सेवा शुरू होने से यह समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी।
नागपुर क्यों है जरूरी ? चिकित्सा और शिक्षा का प्रमुख केंद्र
मध्य भारत का प्रमुख केंद्र होने के कारण नागपुर चिकित्सा, शिक्षा, उद्योग और व्यापार का एक बहुत बड़ा हब है। क्षेत्र से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में गंभीर मरीज इलाज के लिए, विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए, और व्यापारी व रोजगार की तलाश में लोग नागपुर आते-जाते हैं। सीधी रेल सेवा उपलब्ध होने से न केवल आम यात्रियों और मरीजों को अत्यधिक सुविधा मिलेगी, बल्कि इस पूरे पिछड़े अंचल के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को भी एक नई रफ्तार मिलेगी।
मनेन्द्रगढ़ स्टेशन तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार
सांसद महंत ने रेल मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए स्पष्ट किया कि विशेषज्ञों के अनुसार, मनेन्द्रगढ़ रेलवे स्टेशन पर इस विस्तार के लिए आवश्यक सभी बुनियादी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं। यहाँ पर्याप्त प्लेटफॉर्म, ट्रैक क्षमता और परिचालन संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। इसलिए इस ट्रेन का विस्तार तकनीकी और परिचालन दोनों ही दृष्टिकोण से पूरी तरह व्यावहारिक और संभव प्रतीत होता है। इससे रेलवे के यात्रीभार के साथ-साथ रेवेन्यू में भी शानदार बढ़ोतरी की प्रबल संभावना है।
शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा
पत्र के अंत में सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए रेल मंत्री से इस विषय पर आवश्यक और त्वरित स्वीकृति प्रदान करने का विनम्र अनुरोध किया है। क्षेत्र की जनता को अब रेल मंत्रालय के सकारात्मक फैसले का बेसब्री से इंतजार है, जिससे दोनों राज्यों के बीच रेल संपर्क और अधिक सुदृढ़ हो सके।
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