NEET धांधली और जनाक्रोश से डरी सरकार ने ली शिक्षा मंत्री की बलि; नेता प्रतिपक्ष ने कहा—न्यायपालिका के कंधों पर बंदूक रखकर सच से भाग रही भाजपा
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर दिए गए बयान को तथ्यों से परे और मनगढ़ंत करार दिया है। डॉ. महंत ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा नीत सरकार अपने भ्रष्ट और विफल तंत्र को बचाने के लिए अब न्यायपालिका और जज के शब्दों का झूठा सहारा ले रही है।

पेपर लीक और जनाक्रोश से हुआ इस्तीफा, न कि जज की टिप्पणी से
डॉ. महंत ने स्पष्ट किया कि धर्मेंद्र प्रधान किसी जज की टिप्पणी की वजह से पद से नहीं हटे, बल्कि NEET समेत तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक, संगठित भ्रष्टाचार और सरकारी संरक्षण में पनपे परीक्षा माफिया के कारण उन्हें जाना पड़ा। लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के बाद उपजे देशव्यापी जनाक्रोश के आगे झुकते हुए सरकार को अपने शिक्षा मंत्री की बलि देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि छात्रों ने मुख्य न्यायाधीश के “कॉकरोच” शब्द को प्रतिरोध का प्रतीक बनाते हुए “कॉकरोच जनता पार्टी” के रूप में व्यंग्यात्मक आंदोलन चलाया था, न कि न्यायपालिका के खिलाफ मोर्चा खोला था।
आरटीआई और सरकारी रिकॉर्ड ने खोली गोलियों के दावे की पोल
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा राहुल गांधी को दी गई चुनौती पर पलटवार करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने सरकारी आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि RTI के तहत दिल्ली के सरकारी अस्पतालों ने लिखित पुष्टि की है कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल युवाओं का इलाज हुआ था। इसके अलावा संसद मार्ग थाने की जनरल डायरी (GD) में भी रैपिड एक्शन फोर्स द्वारा एंटी-रायट गन चलाने का आधिकारिक दर्ज रिकॉर्ड मौजूद है। डॉ. महंत ने सवाल उठाया कि क्या विजय शर्मा अपनी ही सरकार के इन आधिकारिक और पुलिस रिकॉर्ड्स को भी झूठा मानते हैं?
कंगना रनौत और टी.जी. मोहनदास के बयानों पर चुप्पी का मांगा हिसाब
प्रेस कॉन्फ्रेंस के विरोधाभासों को उजागर करते हुए डॉ. महंत ने कहा कि भाजपा का रुख युवाओं के प्रति हमेशा दमनकारी रहा है। पहले छात्रों को अराजक बताया गया, उन पर स्याही फेंकी गई और अब राजनीतिक डर के कारण भाजपा उनके विरोध को “स्वागत योग्य” बता रही है।
उन्होंने तीखे सवाल दागते हुए पूछा:
- भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा आंदोलनकारी युवाओं और बेटियों को “जेनरेशन गटर” कहने पर सरकार शांत क्यों रही?
- संघ की विचारधारा से जुड़े टी.जी. मोहनदास द्वारा प्रदर्शनकारी छात्राओं पर गोली चलाने और उनके खिलाफ बलात्कार जैसी अत्यंत घृणित टिप्पणी करने पर विजय शर्मा सार्वजनिक निंदा कब करेंगे?
डॉ. महंत ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही बेटियों पर स्याही फेंकने वाले, उन्हें अपशब्द कहने वाले और लोकतंत्र पर उपदेश देने वाले नेताओं को पहले आईने में अपना चेहरा देखना चाहिए।
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