नई पहल न्यूज नेटवर्क। बालोद। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से स्वीकृत 15 लाख रुपये की लागत वाले पुल निर्माण में घोर लापरवाही के चलते ग्राम बरही के ग्रामीण आफत में हैं। मानसूनी बारिश के कारण गांव का संपर्क बाकी हिस्सों से पूरी तरह कट चुका है, जिससे आवागमन ठप्प है और स्कूली बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक संगीता सिन्हा ने दूसरी बार निर्माण स्थल का दौरा किया और कार्य में हो रही देरी पर संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
अस्थायी पुल का काम तुरंत शुरू करने की हिदायत
निरीक्षण के दौरान विधायक संगीता सिन्हा ने जनपद पंचायत के एसडीओ, ग्राम सरपंच और सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक स्थायी पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं होता, तब तक ग्रामीणों के आवागमन के लिए तुरंत एक वैकल्पिक एवं अस्थायी पुल की व्यवस्था की जाए। उन्होंने अधिकारियों की उदासीनता पर कड़ी नाराजगी जताते हुए स्थायी पुल का काम बिना किसी आगे की देरी के शुरू कराने की हिदायत दी।


बाघ की आहट से सहमे ग्रामीण, देरी से पहुँची वन विभाग की टीम
बरही के ग्रामीणों ने विधायक को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि दो दिन पूर्व गांव में एक बाघ घुस आया था। सड़क और पुल न होने के कारण रास्ता बाधित था, जिससे वन विभाग की टीम को समय पर पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। घटना को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने मौके से ही डीएफओ से दूरभाष पर बात की। उन्होंने गांव में ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए नियमित गश्त और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मूलभूत सुविधाओं से समझौता नहीं: विधायक
विधायक संगीता सिन्हा ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वनांचल क्षेत्र की जनता को किसी भी हाल में बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थायी पुल का निर्माण जल्द से जल्द शुरू होगा और तब तक अस्थायी पुल की सुविधा देकर राहत पहुंचाई जाएगी। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र सिन्हा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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