सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे के लिखित आदेश के बाद ग्राम चिडोला पहुंची मेडिकल बोर्ड की टीम, अस्थिरोग, मेडिसिन और नेत्र रोग विशेषज्ञ टीम में शामिल
नई पहल न्यूज नेटवर्क। एमसीबी। प्रशासनिक संवेदनशीलता जब कागजों से निकलकर जमीन पर उतरती है, तो जनता का सिस्टम पर भरोसा कई गुना बढ़ जाता है। भालू के हमले से अपनी आंख गंवा चुकी ग्राम चिडोला की बेबस महिला प्रेमबाई गोंड के मामले में सोशल मीडिया पर चली खबरों और कांग्रेस नेताओं की पहल का ऐसा दमदार असर हुआ कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने न सिर्फ आदेश जारी किया, बल्कि आज बुधवार, 20 मई को डॉक्टरों की एक विशेष टीम सीधे पीड़िता के घर पहुंच गई है।

सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे द्वारा आदेश क्रमांक 2254/स्था0/2026 के तहत गठित जिला मेडिकल बोर्ड की टीम सुबह 11:00 बजे प्रेमबाई गोंड के निवास स्थान पर उपस्थित हुई। डॉक्टरों की टीम ने पूरी तत्परता से घर पर ही पीड़िता का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया और सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करते हुए मौके पर ही उनका 55 प्रतिशत (55%) का विकलांगता प्रमाण पत्र जारी कर दिया है।

ये विशेषज्ञ डॉक्टर्स और कर्मचारी पहुंचे हैं प्रेमबाई के द्वार
सरकारी आदेश के मुताबिक, मनेन्द्रगढ़ के 220 बिस्तर सिविल अस्पताल से पांच सदस्यीय विशेष टीम को पूरी तैयारी और वाहन के साथ ग्राम चिडोला भेजा गया। इस टीम में जिले के ये बड़े नाम शामिल रहे:
- डॉ. प्रकाश जायसवाल (अस्थिरोग विशेषज्ञ, 220 बिस्तर सिविल अस्पताल, मनेन्द्रगढ़)
- डॉ. विनीत विश्वकर्मा (मेडिसिन विशेषज्ञ, 220 बिस्तर सिविल अस्पताल, मनेन्द्रगढ़)
- डॉ. भासिता साहू (नेत्र रोग विशेषज्ञ, 220 बिस्तर सिविल अस्पताल, मनेन्द्रगढ़)
- आर. डी. दिवान (नेत्र सहायक अधिकारी, 220 बिस्तर सिविल अस्पताल, मनेन्द्रगढ़)
- अजेन्द्र (वाहन चालक, स्वास्थ्य विभाग, एमसीबी)
सोशल मीडिया पर लापरवाही की खबर पर तुरंत लिया गया संज्ञान
आधिकारिक दस्तावेज से यह भी साफ हुआ है कि सोशल मीडिया पर मेडिकल बोर्ड की कथित लापरवाही और प्रेमबाई की बेबसी से संबंधित खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया था। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भरतपुर के अध्यक्ष अंकुर प्रताप सिंह और पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने भी इस मुद्दे पर तत्परता दिखाते हुए स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से बात की थी।
विपक्ष की सजगता और सोशल मीडिया की गूंज को देखते हुए सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे ने बिना समय गंवाए 19 मई को ही यह विशेष आदेश जारी कर दिया था, जिसके तहत आज ठीक सुबह 11 बजे डॉक्टरों की यह टीम प्रेमबाई के घर मुस्तैद हो गई और उनके सारे कष्ट दूर किए।
घर बैठे मिला हक, अब सरकारी योजनाओं का मिलेगा पूरा लाभ
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. भासिता साहू, अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश जायसवाल और मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. विनीत विश्वकर्मा की मौजूदगी में प्रेमबाई गोंड का घर पर ही ऑन-द-स्पॉट मेडिकल चेकअप किया गया। टीम ने मौके पर ही 55 प्रतिशत विकलांगता का प्रमाण पत्र तैयार कर पीड़िता को सौंप दिया। इस सर्टिफिकेट के बनते ही अब पीड़िता को वन विभाग की बीमा राशि, पेंशन और अन्य शासकीय सहायता मिलने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
ग्रामीणों ने कहा: यह है संवेदनशील सुशासन की असली तस्वीर
लाचार और गरीब प्रेमबाई को मनेन्द्रगढ़ अस्पताल के चक्कर काटने से बचाने के लिए जब खुद जिले के बड़े विशेषज्ञ डॉक्टर चलकर उनके घर पहुंचे, तो पूरे गांव की आंखें भर आईं। ग्रामीणों और परिजनों ने ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अंकुर प्रताप सिंह, पूर्व विधायक गुलाब कमरो और विशेष रूप से सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे का सहृदय आभार जताते हुए कहा कि जब सिस्टम इस तरह संवेदनशीलता से काम करता है, तो गरीब खुद को अकेला नहीं समझता।
खबर का एक्सक्लूसिव निचोड़:
यह पूरा घटनाक्रम यह संदेश देता है कि सजग जनप्रतिनिधि, सोशल मीडिया की ताकत और एक संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी मिलकर किसी भी पीड़ित के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकते हैं। प्रेमबाई के आंगन में बैठकर 55% का प्रमाण पत्र सौंपती डॉक्टरों की यह टीम आज के बदलते और संवेदनशील प्रशासन की सबसे जीवंत मिसाल है।
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