कोरिया आगमन पर बोले डीजीपी — “यह मेरा पहला जिला था, इसकी शांति और सुरक्षा के लिए समाज की भागीदारी सबसे जरूरी”
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बैकुंठपुर (कोरिया)। छत्तीसगढ़ पुलिस के महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम इन दिनों सरगुजा संभाग के सघन दौरे पर हैं। इसी कड़ी में आज डीजीपी का काफिला कोरिया जिला पहुंचा। यह दौरा केवल एक प्रशासनिक समीक्षा नहीं, बल्कि डीजीपी के लिए यादों के गलियारों में लौटने जैसा भावुक क्षण भी रहा। बहुत कम लोग जानते हैं कि डीजीपी अरुण देव गौतम के शानदार पुलिस करियर में बतौर एसपी उनकी जीवन की पहली पोस्टिंग इसी कोरिया जिले में हुई थी। यानी पुलिस कप्तान के रूप में कोरिया ही उनकी पहली कर्मभूमि थी।
आज जब वे अपने करियर के इसी पहले पड़ाव पर लौटे, तो पुलिस कार्यालय की ‘पदस्थापना सूची’ में उनका नाम सबसे ऊपर गौरवशाली इतिहास की गवाही दे रहा था, जिसमें उनका कार्यकाल 25 मई 1998 से 19 जून 2000 तक दर्ज है। अपनी पुरानी कुर्सी और पहली पोस्टिंग के जिले को देखकर डीजीपी भावुक नजर आए।


“कोरिया मेरी पहली सीख और पहला जिला”— डीजीपी
काफी लंबे समय बाद कोरिया पहुंचे डीजीपी अरुण देव गौतम ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए अपनी पुरानी यादें ताजा कीं। उन्होंने कहा:
”एसपी के तौर पर मेरी पहली पोस्टिंग इसी कोरिया जिले में हुई थी, यह मेरा पहला जिला था। यहाँ मुझे काफी लंबे अरसे के बाद आने का मौका मिला है। इस मिट्टी से मेरा एक अलग और बेहद पुराना जुड़ाव है।”
नौगई घटना पर सख्त रुख: “प्रकृति जैसी शांतिप्रिय जगह पर ऐसी वारदातें स्वीकार्य नहीं”
हाल ही में नौगई में हुई अप्रिय घटना को लेकर डीजीपी ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि कोरिया की पहचान उसकी प्राकृतिक सुंदरता और बेहद शांत माहौल से है। नौगई की घटना इस शांत आबोहवा के बिल्कुल विपरीत है।
उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा संदेश देते हुए कहा:
”कोरिया जैसी शांतिप्रिय जगह को इस प्रकार के अशांत वातावरण से मुक्त रखने के लिए केवल पुलिस काफी नहीं है, बल्कि आमजन को ही आगे आना होगा। जब तक जनता जागरूक नहीं होगी और समाज की भागीदारी पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नहीं होगी, तब तक पूर्ण सुरक्षा और शांति संभव नहीं है। आमजन के सहयोग से ही हम अपराधियों के हौसले पस्त कर सकते हैं।”
तस्वीर बयां कर रही है गौरवगाथा
कोरिया पुलिस कार्यालय से सामने आई इस खास तस्वीर में डीजीपी अरुण देव गौतम पूरी गरिमा के साथ बैठे नजर आ रहे हैं। उनके ठीक पीछे दीवार पर लगी कोरिया जिले के पुलिस कप्तानों की ‘पदस्थापना सूची’ साफ देखी जा सकती है, जिसमें क्रमांक 01 पर ‘अरुण देव गौतम’ का नाम सुनहरे अक्षरों में अंकित है। यह तस्वीर इस बात का प्रमाण है कि सालों पहले जिस युवा पुलिस कप्तान ने अपनी पहली पोस्टिंग पर इस जिले की सुरक्षा की नींव रखी थी, आज वह पूरे प्रदेश की सुरक्षा का जिम्मा संभालते हुए एक बार फिर अपनी उसी शुरुआती दहलीज पर खड़े हैं।
About The Author










































