राजनीति में नैतिकता के प्रकाशपुंज स्व. बिसाहूदास महंत की 48वीं पुण्यतिथि पर विशेष
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ की पावन माटी ने अनेक ऐसे जननायकों को गढ़ा है, जिनकी अमिट छाप समय के क्षितिज पर सदैव चमकती रहती है। इन्हीं महान विभूतियों में अग्रणी और परम आदरणीय नाम है—स्व. बिसाहूदास महंत।
आज उनकी 48वीं पुण्यतिथि पर संपूर्ण छत्तीसगढ़ इस महान युगपुरुष के त्याग, दूरदर्शिता और जनसेवा के प्रति उनके अटूट निष्ठा भाव को याद कर रहा है। अविभाजित मध्य प्रदेश की राजनीति में ‘गांधीवादी मूल्यों’ की अलख जगाने वाले स्व. बिसाहूदास महंत जी की वह पावन विचार-धारा आज भी उनके परिवार के सशक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ के जन-जन के हृदय में जीवंत है।

विकासपुरुष का स्वर्णिम काल: जब नीतियां बनीं जनकल्याण की पहचान
स्व. बिसाहूदास महंत जी का जीवन सादगी, ईमानदारी और कठोर सिद्धांतों का अनूठा संगम था। अविभाजित मध्य प्रदेश में कैबिनेट मंत्री रहते हुए उन्होंने प्रदेश के सर्वांगीण विकास का जो रेखाचित्र खींचा था, वह आज भी आधुनिक छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत बुनियाद है।
“सत्ता जब तक अंतिम व्यक्ति के आंसू पोंछने का माध्यम न बने, तब तक वह व्यर्थ है।”
— स्व. बिसाहूदास महंत जी का मूलमंत्र
- कृषि एवं सिंचाई क्रांति: एक किसान पुत्र होने के नाते वे अन्नदाताओं के दर्द को बखूबी समझते थे। उन्होंने सुदूर ग्रामीण अंचलों तक नहरों और सिंचाई परियोजनाओं का जाल बिछाया।
- हथकरघा एवं बुनकर कल्याण: बुनकर समाज और स्थानीय कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने तथा हथकरघा उद्योग को पुनर्जीवित करने में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा।
- अधोसंरचना का विस्तार: वनांचल और दुर्गम इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उन्होंने अभूतपूर्व सड़कें और पुल-पुलिए बनवाए।
- तीन पीढ़ियों का अखंड जन-विश्वास: विरासत भी, विकास भी
स्व. बिसाहूदास महंत जी ने जनसेवा का जो अमर दीप प्रज्वलित किया था, उसकी दिव्य लौ को उनकी अगली पीढ़ियां और अधिक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा रही हैं। आज महंत परिवार उनकी विरासत को केवल संभाल ही नहीं रहा, बल्कि उसे नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है: - डॉ. चरणदास महंत (नेता प्रतिपक्ष, छत्तीसगढ़ विधानसभा): अपने पूज्य पिता के संस्कारों को आत्मसात कर डॉ. महंत ने केंद्रीय मंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष जैसे शीर्ष पदों पर रहकर प्रदेश का मान बढ़ाया। एक प्रखर, गंभीर और सर्वमान्य जननेता के रूप में वे आज भी अपने पिता की सादगी और विचारों को अपनी सबसे बड़ी शक्ति मानते हैं।
- श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत (सांसद, कोरबा): कोरबा संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए श्रीमती ज्योत्सना महंत क्षेत्र के विकास, महिला सशक्तिकरण और हर नागरिक को उसके अधिकार दिलाने के लिए दिन-रात प्रयासरत हैं।
- सूरज महंत (युवा संवाहक): नई पीढ़ी के ऊर्जावान प्रतीक के रूप में सूरज महंत अपने दादाजी के आदर्शों और संस्कारों को युवाओं के बीच ले जाकर इस जनसेवा की मशाल को और अधिक प्रदीप्त कर रहे हैं।
पिताजी के दिखाए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि
“श्रद्धेय पिताजी ने हमें यही सिखाया कि पद केवल सेवा का अवसर है। क्षेत्र की जनता का सुख-दुख हमारा अपना है। आज उनकी 48वीं पुण्यतिथि पर हम पुनः संकल्प लेते हैं कि उनके सिद्धांतों, विचारों और छत्तीसगढ़ को खुशहाल बनाने के उनके सपनों को पूरा करने में हम अपना सर्वस्व समर्पित रखेंगे।”
— डॉ. चरणदास महंत, नेता प्रतिपक्ष
कालजयी विचारों को शत-शत नमन
स्व. बिसाहूदास महंत जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक अमर सोच और विचार का नाम हैं। आज उनकी 48वीं पुण्यतिथि पर पूरा प्रदेश अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए इस महान जननायक को नमन करता है।
“जब तक सूरज-चांद रहेंगे, बिसाहूदास जी के विचार अमर रहेंगे।”
48वीं पुण्यतिथि पर जननायक स्व. बिसाहूदास महंत जी को विनम्र श्रद्धांजलि!
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