कलेक्टर रोक्तिमा यादव के मार्गदर्शन में एक्शन मोड में टीम, 108 किलो तरबूज-आम और दर्जनों केले फेंकवाए, मिलावटखोरों में हड़कंप
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बैकुंठपुर ।गर्मी के मौसम में आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मुनाफाखोरों के खिलाफ कोरिया जिला प्रशासन ने सर्जिकल स्ट्राइक शुरू कर दी है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले के फल बाजारों में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए हड़कंप मचा दिया है। नियंत्रक दीपक अग्रवाल के निर्देश और कलेक्टर रोक्तिमा यादव के सख्त मार्गदर्शन में विभाग ने तीन दिनों का विशेष जांच अभियान चलाया, जिसमें भारी मात्रा में सड़े-गले व सेहत के लिए खतरनाक फल जब्त कर मौके पर ही नष्ट करा दिए गए। अभिहित अधिकारी नीलम ठाकुर के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई से पूरे जिले के फल विक्रेताओं में खलबली मच गई है। अधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को सीधे जेल की हवा खानी पड़ेगी।
तीन दिनों का ‘एक्शन प्लान’: कहाँ, कब और क्या हुई कार्रवाई ?
अभिहित अधिकारी नीलम ठाकुर ने बताया कि यह अभियान पिछले तीन दिनों (27 मई से 29 मई) तक लगातार चलाया गया, जिसकी कमान ग्राउंड जीरो पर मजबूत रही:

दिन 1 (27 मई): जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में हड़कंप
अभियान के पहले दिन टीम ने बैकुंठपुर मुख्यालय की 6 प्रमुख फल दुकानों पर अचानक दबिश दी। यहाँ भारी मात्रा में बदबूदार और खराब फल बेचे जा रहे थे। टीम ने मौके पर ही:
- 22 किलोग्राम आम
- 14 दर्जन केले
- 4 किलोग्राम सेब
- 1 किलोग्राम संतरा और आधा किलो अनार को जब्त कर तत्काल नष्ट करवा दिया।
दिन 2 (28 मई): पटना के बाजारों में जांच और समझाइश
कार्रवाई के दूसरे दिन टीम पटना क्षेत्र पहुँची। यहाँ 9 फल दुकानों का सघन निरीक्षण किया गया। टीम ने सभी दुकानदारों को कड़े लहजे में हिदायत दी कि यदि दुकानों में सड़े फल मिले या स्वच्छता नहीं रखी गई, तो दुकानें सील कर दी जाएंगी।
दिन 3 (29 मई): अंतिम दिन फिर गरजा प्रशासन का डंडा
आज यानी 29 मई को टीम ने दोबारा मुख्यालय के अलग-अलग इलाकों में 5 फल दुकानों पर रेड मारी। नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर गाज गिराते हुए टीम ने 77 किलोग्राम से अधिक फल और केले नष्ट कराए। इसमें शामिल थे:
- 65 किलोग्राम तरबूज
- 12 किलोग्राम आम
- 2 दर्जन केले, 1 किलो सेब, 1 किलो अंगूर और 1 किलो चुकंदर।
सेहत से समझौता बर्दाश्त नहीं — नीलम ठाकुर
गर्मी के इस मौसम में सड़े-गले या फिर हानिकारक रसायनों (केमिकल) से पकाए गए फल बेचने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फल विक्रेताओं को केवल गुणवत्तापूर्ण फल बेचने और साफ-सफाई रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। यह अभियान थमेगा नहीं, बल्कि आगे भी इसी तरह लगातार जारी रहेगा।
— नीलम ठाकुर, अभिहित अधिकारी, कोरिया
इस टीम ने निभाई मुख्य भूमिका
इस ताबड़तोड़ और सफल कार्रवाई को अंजाम देने में अभिहित अधिकारी नीलम ठाकुर के साथ नमूना सहायक प्रमोद पैकरा और निधि जायसवाल ने सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई की आम जनता जमकर सराहना कर रही है।
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