विधायक की छवि धूमिल करने के खिलाफ वैभव सिंह ने दर्ज कराया शिकायती आवेदन, इसे बताया विपक्षी तत्वों और असामाजिक तत्वों का सोची-समझी ‘हाईटेक साजिश’
नई पहल न्यूज नेटवर्क। सोनहत। छत्तीसगढ़ भाजपा की दिग्गज नेता और भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह से जुड़े कथित विवादित ऑडियो मामले ने अब पूरी तरह से कानूनी रूप ले लिया है। इस मामले में विधायक खेमे की ओर से पुलिस थाना सोनहत (जिला कोरिया) में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। इस आवेदन के जरिए पुलिस से पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने और इस ‘ऑडियो कांड’ के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब करने की मांग की गई है।
यह शिकायत विधायक प्रतिनिधि वैभव सिंह द्वारा दर्ज कराई गई है, जिसमें इस कथित ऑडियो को एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा बताया गया है।

शिकायती पत्र की 3 सबसे बड़ी बातें: ‘छवि खराब करने का खेल
थाना प्रभारी को सौंपे गए इस आधिकारिक पत्र में कई बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं और इसे विधायक की सामाजिक साख पर हमला बताया गया है:
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का गलत इस्तेमाल: शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे इस कथित ऑडियो की सत्यता पूरी तरह संदिग्ध है। प्रथम दृष्टया यह साफ आभास होता है कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अथवा अन्य उन्नत तकनीकी माध्यमों का उपयोग करके तैयार किया गया है।
- जनप्रतिनिधि की प्रतिष्ठा को ठेस: पत्र के अनुसार, लगातार इस प्रकार की भ्रामक, मनगढ़ंत और मिथ्या (झूठी) सामग्री प्रसारित करके आम जनता को भ्रमित किया जा रहा है, ताकि एक बेहद लोकप्रिय जनप्रतिनिधि की सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।
- विपक्ष और असामाजिक तत्वों पर शक: शिकायतकर्ता ने उल्लेख किया है कि इससे पूर्व भी विपक्षी तत्वों और कुछ असामाजिक व्यक्तियों द्वारा विभिन्न माध्यमों से विधायक महोदया की छवि को नुकसान पहुंचाने के प्रयास किए जाते रहे हैं। हालिया घटना भी उसी कड़ी का एक हिस्सा है।
साइबर अपराध के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग
इस शिकायती आवेदन के माध्यम से पुलिस प्रशासन से बेहद कड़े कदम उठाने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने का साहस न कर सके:
- तकनीकी एवं फॉरेंसिक जांच हो: पुलिस से मांग की गई है कि इस कथित ऑडियो की पूरी फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि इसकी असलियत (AI मैनिपुलेशन) तकनीकी रूप से साबित हो सके।
- सख्त धाराओं में कार्रवाई: इस ऑडियो के निर्माण (Creation) और इसे अलग-अलग संचार माध्यमों पर वायरल करने में संलिप्त (शामिल) व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रचलित विधि और साइबर अपराध संबंधी प्रावधानों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
क्या होगा इस कानूनी कदम का असर ?
विधायक रेणुका सिंह द्वारा इस ऑडियो को ‘AI जनरेटेड’ बताने और अब उनके समर्थकों द्वारा सीधे थाने में शिकायत दर्ज कराने से विरोधियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। कैबिनेट फेरबदल की अटकलों के बीच रची गई इस कथित ‘हाईटेक साजिश’ की जांच यदि साइबर सेल की ओर मुड़ती है, तो इसे सोशल मीडिया पर बढ़ाने और फॉरवर्ड करने वाले कई बड़े नाम भी पुलिस की रडार पर आ सकते हैं।
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