आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा का त्वरित एक्शन, समस्याओं के अंबार पर बीईओ तलब, मौके पर ही दिए निर्देश
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बिलासपुर | जब व्यवस्थाओं के बीच बचपन सुबकने के बजाय सवाल पूछने लगे, तो बदलाव की नींव पड़ती है। कुछ ऐसा ही मंजर 13 फरवरी को बेलगहना स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी मीडियम स्कूल में देखने को मिला। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित ‘बाल चौपाल’ महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के साहस और उनके अधिकारों की हुंकार का गवाह बना।

साहस और संवेदनशीलता: छात्रा हुई भावुक, अध्यक्ष ने लगाया गले
चौपाल के दौरान माहौल तब बेहद भावुक हो गया जब एक छात्रा ने कांपती आवाज में ‘बैड टच’ (गलत स्पर्श) को लेकर सवाल पूछा। सवाल पूछते हुए छात्रा अपनी भावनाओं पर काबू न रख सकी और रो पड़ी। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने न केवल उसे ढांढस बंधाया, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक की भूमिका निभाते हुए उसे अकेले में बुलाकर विस्तार से बात की। उन्होंने बच्चों को स्पष्ट संदेश दिया— “डरना नहीं, लड़ना सीखो। तुम्हारी चुप्पी गलत करने वालों का हौसला बढ़ाती है।”
व्यवस्थाओं की खुली पोल: बच्चों ने दागे तीखे सवाल
बेलगहना और कोटा क्षेत्र के बच्चों ने किसी मंझे हुए वक्ता की तरह स्कूल और क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को आयोग के सामने रखा:
- शिक्षा का अभाव: शिक्षकों की भारी कमी और उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज की अनुपलब्धता।
- जर्जर बुनियादी ढांचा: स्कूल भवनों की बदहाली और खेल मैदान का न होना।
- बुनियादी जरूरतें: क्षेत्र में पेयजल की किल्लत।
ऑन-स्पॉट एक्शन: कटघरे में अधिकारी
बच्चों की निडरता देख डॉ. वर्णिका शर्मा ने तत्काल कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान ही बीईओ बेलगहना को फोन लगाकर फटकार लगाई और बच्चों के सामने ही जवाब-तलबी की। आयोग ने अधिकारी को पुराने पत्राचारों के साथ आयोग कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का फरमान सुनाया है।
सीपीआर से लेकर जीवन कौशल तक का पाठ
केवल संवाद ही नहीं, बल्कि बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी इस चौपाल में विशेष सत्र आयोजित किए गए:
- जीवनरक्षक तकनीक: सीजी नर्सिंग कॉलेज के छात्रों ने CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का व्यावहारिक प्रदर्शन कर बच्चों को आपात स्थिति के लिए तैयार किया।
- मनोरंजन और शिक्षा: नुक्कड़ नाटक, क्विज प्रतियोगिता और प्रेरक खेलों के जरिए बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया गया।
अब तक की सभी बाल चौपालों में बेलगहना का यह आयोजन सबसे खास रहा। यहाँ के बच्चों ने जिस निडरता से अपनी बात रखी है, वह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ का भविष्य जागरूक हाथों में है।
— डॉ. वर्णिका शर्मा, अध्यक्ष, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शीलू साहू, श्री चंद्रशेखर तिवारी सहित नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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