विधायक भावना बोहरा की पहल: ‘बोल बम’ के जयघोष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे वनांचल के बैगा कांवड़िए, 10 अगस्त से शुरू होगी भव्य यात्रा
नई पहल न्यूज नेटवर्क। पंडरिया (कबीरधाम)। सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और अटूट आस्था की एक ऐतिहासिक मिसाल इस बार सावन के पावन मास में देखने को मिलेगी। पंडरिया विधायक भावना बोहरा द्वारा आयोजित 151 किलोमीटर की विशाल अमरकंटक-भोरमदेव कांवड़ पदयात्रा में इस वर्ष मुख्य आकर्षण का केंद्र अपने मूल धर्म में ‘घर वापसी’ करने वाले 15 बैगा आदिवासी होंगे। वनांचल क्षेत्र के ये बैगा आदिवासी अब ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष के साथ कंधे पर कांवड़ उठाकर कवर्धा स्थित बाबा भोरमदेव का जलाभिषेक करने निकलेंगे।
10 अगस्त 2026 (सावन के दूसरे सोमवार) को सुबह 7 बजे अमरकंटक स्थित मां नर्मदा मंदिर से शुरू होने वाली यह कठिन पदयात्रा 16 अगस्त को भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक के साथ संपन्न होगी। विधायक भावना बोहरा के सतत प्रयासों से सनातन संस्कृति की मुख्यधारा में लौटे ये बैगा भाई पहली बार 300 से अधिक श्रद्धालुओं के साथ 151 किमी के दुर्गम और पर्वतीय रास्तों को पार करते हुए अपनी भक्ति का संकल्प पूरा करेंगे।
बैगा आदिवासियों की सहभागिता क्यों है खास ?
- मूल धर्म में वापसी का संकल्प: वनांचल क्षेत्र में निवास करने वाले बैगा आदिवासियों की सनातन परंपराओं में वापसी के बाद यह पहला मौका है जब वे इतनी बड़ी धार्मिक साधना का मुख्य हिस्सा बन रहे हैं।
- सामाजिक समरसता का बड़ा संदेश: समाज के अंतिम छोर पर खड़े बैगा भाइयों का कांवड़ उठाकर चलना छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सामाजिक एकजुटता को नई पहचान देगा।
- अमरकंटक से भोरमदेव का सफर: 151 किमी पैदल चलकर ये कांवड़िए मां नर्मदा का जल ऐतिहासिक भोरमदेव महादेव मंदिर में अर्पित करेंगे।
“सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रत्यक्ष प्रमाण है यह यात्रा” — भावना बोहरा
बैगा आदिवासियों की सहभागिता पर खुशी जाहिर करते हुए विधायक भावना बोहरा ने कहा:
सावन का यह पवित्र महीना हमें अपनी जड़ों, धार्मिक संस्कृति और सामाजिक एकता से जोड़ने की प्रेरणा देता है। मुझे अपार हर्ष है कि हमारे प्रयासों से अपने मूल धर्म में घर वापसी करने वाले 15 बैगा आदिवासी भाई इस वर्ष हमारे साथ कांवड़ उठाकर अमरकंटक से भोरमदेव तक चलेंगे। यह यात्रा केवल जलाभिषेक का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति की वापसी, सामाजिक समरसता और अखंड आस्था का प्रतीक है। भगवान भोलेनाथ से यही प्रार्थना है कि हमारा प्रदेश इसी तरह एकता, खुशहाली और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे।
About The Author














