NMC के पत्र और आपत्तियों पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल का बड़ा बयान — 99% गाइडलाइंस पूरी, हम अपील में जा रहे हैं, इसी सत्र से शुरू होगी पढ़ाई
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर/मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के 5 नए मेडिकल कॉलेजों (दंतेवाड़ा, कवर्धा, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा और मनेंद्रगढ़) की मान्यता और संचालन को लेकर एक नया तकनीकी मोड़ सामने आया है। नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) ने इस बार इन मेडिकल कॉलेजों की जमीनी स्थिति और इंफ्रास्ट्रक्चर का जायजा लेने के लिए ‘सैटेलाइट सर्वे’ का सहारा लिया है। दूसरी ओर, जमीनी हकीकत यह है कि इन सभी चिन्हित जिलों में मेडिकल कॉलेज बिल्डिंग और संबद्ध अस्पतालों का निर्माण कार्य पूरी तेजी से चालू है।
इस पूरे तकनीकी पत्राचार और कमियों को लेकर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की है।

NMC को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल का आधिकारिक बयान:
NMC के पत्र और कमियों के सवाल पर सीधे जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने विभाग का मजबूत पक्ष रखा और कहा:
“पाँचों नए मेडिकल कॉलेज के लिए हमारी सरकार पूरी तरह गंभीर है। दंतेवाड़ा, कवर्धा, कुनकुरी, जांजगीर और मनेंद्रगढ़ जैसी जगहों पर नए मेडिकल कॉलेजों के लिए हम 99% गाइडलाइंस पर खरे उतर चुके हैं।”
“मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों का निर्माण कार्य अभी चल रहा है, जो कि एक सतत प्रक्रिया है। हमने इस साल से ही पढ़ाई शुरू करने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। NMC के पत्र के बाद हमारे पास अपील के लिए 15 दिनों का समय रहता है। हम अपनी तैयारियों के साथ फिर से पूरी ताकत से अपील में जा रहे हैं।”
” मुख्यमंत्री जी की इच्छाशक्ति और हमारी त्वरित कार्रवाई के दम पर हमें पूरा विश्वास है कि NMC हमें इस बार मान्यता देगी। आने वाले इसी शिक्षा सत्र से इन पाँचों कॉलेजों में चिकित्सा (एमबीबीएस) की पढ़ाई शुरू होगी।”
प्रोफेसरों की नियुक्ति पूरी,
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि सरकार केवल निर्माण कार्य ही नहीं कर रही है, बल्कि आंतरिक व्यवस्थाएं भी मुस्तैद कर चुकी है। 5 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए:
- कॉलेजों से संबद्ध 220 बेड के अस्पताल पूरी तरह तैयार कर लिए गए हैं।
- शैक्षणिक कार्यों के लिए प्रोफेसरों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है।
- अन्य जरूरी स्टाफ और तकनीशियनों की भर्ती प्रक्रिया भी तेजी से चालू है।
जायसवाल ने साफ किया कि भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार सुदूर वनांचल के बच्चों को डॉक्टर बनाने के संकल्प से पीछे नहीं हटेगी और सैटेलाइट सर्वे व पत्राचार की इन सभी प्रक्रियाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
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