जॉइंट कमिश्नर राखी अग्रवाल से मिला CAT प्रतिनिधिमंडल, नए व्यापारियों को चिन्हित करने की रणनीति तैयार
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। जीएसटी विभाग की नई गाइडलाइन को लेकर कैट (CAT) इकाई MCB ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कैट जिलाध्यक्ष रघुनाथ पोद्दार, रफीक मेमन के नेतृत्व में हुई एक बैठक में जॉइंट कमिश्नर जीएसटी, राखी अग्रवाल और कैट के पदाधिकारियों के बीच व्यापारिक भविष्य को लेकर गंभीर मंथन हुआ। इस मुलाकात में स्पष्ट कर दिया गया है कि अब उन पात्र व्यापारियों को चिन्हित किया जाएगा जो जीएसटी के दायरे में तो हैं, लेकिन अब तक पंजीकृत नहीं हुए हैं।
सर्वे का लक्ष्य: पात्रता की पहचान, पारदर्शिता का सम्मान
सरकार की नई गाइडलाइंस के तहत अब जमीनी स्तर पर सर्वे की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसका मुख्य उद्देश्य उन एलिजिबल व्यापारियों की सूची तैयार करना है जिन्हें अनिवार्य रूप से जीएसटी नंबर लेना चाहिए। इस कदम से बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
कैट का दो-टूक सुझाव: व्यवहार में हो विनम्रता
बैठक के दौरान कैट ने विभागीय कार्यप्रणाली पर अपना स्पष्ट नजरिया रखा। संस्था ने विभाग को दो टूक सलाह दी कि:
- फील्ड सर्वे के दौरान व्यापारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने की नीति से बचा जाए।
- विभाग अपनी कार्रवाई को शालीन और विनम्रतापूर्वक अंजाम दे ताकि व्यापारियों में भय का माहौल न बने।
- जागरूकता दिखाएं: यदि आपका टर्नओवर जीएसटी की निर्धारित सीमा (रेंज) में आता है, तो जिम्मेदारी के साथ रजिस्ट्रेशन कराएं।
- सहयोग करें: सर्वे के दौरान विभागीय अधिकारियों को सही जानकारी दें ताकि किसी भी तरह की कानूनी पेचीदगी से बचा जा सके।
इस समन्वय बैठक से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में जीएसटी रजिस्ट्रेशन को लेकर विभाग सख्त तो होगा, लेकिन कैट के हस्तक्षेप के बाद अब यह प्रक्रिया ‘सहमति और सहयोग’ के फॉर्मूले पर आगे बढ़ेगी।







