खरीफ सीजन में बीज-खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन सख्त, हेल्पलाइन नंबर 07771-299053 जारी
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेन्द्रगढ़ | खरीफ सीजन 2026 के आगमन के साथ ही किसानों को खाद, बीज और कीटनाशकों की किल्लत न हो और वे कालाबाजारी का शिकार न हों, इसके लिए जिला प्रशासन मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने कमर कस ली है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग ने जिला स्तरीय ‘कंट्रोल रूम’ शुरू कर दिया है। अब किसान केवल एक फोन कॉल के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे, जिस पर विभाग तत्काल “स्ट्राइक” करेगा।
हेल्पलाइन नंबर: किसानों का नया हथियार
कृषि आदानों (बीज, उर्वरक, कीटनाशक) से जुड़ी किसी भी समस्या या अवैध वसूली की शिकायत के लिए विभाग ने 07771-299053 नंबर सार्वजनिक किया है। इस नंबर पर प्राप्त शिकायतों का न केवल पंजीयन होगा, बल्कि संबंधित क्षेत्र के अधिकारी मौके पर जाकर जांच और निराकरण भी सुनिश्चित करेंगे।
दोषी विक्रेताओं पर गिर सकती है ‘कानूनी गाज‘
उप संचालक कृषि ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी विक्रेता निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलता है या स्टॉक की जमाखोरी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी:
- बीज अधिनियम 1966 के तहत लाइसेंस रद्द करना।
- उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के उल्लंघन पर कड़ी सजा।
- कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत कानूनी शिकंजा।
इनबाउंड मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण
कंट्रोल रूम सिर्फ शिकायतों का इंतजार नहीं करेगा, बल्कि तैनात किए गए अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से विक्रेताओं के स्टॉक रजिस्टर, लाइसेंस और वितरण व्यवस्था की औचक जांच भी करेंगे।
किसानों के लिए विशेष परामर्श: “पक्का बिल ही असली ढाल”
प्रशासन ने जिले के अन्नदाताओं से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में बिना बिल के खाद या बीज न खरीदें।
”किसान भाई केवल अधिकृत दुकानों से ही खरीदारी करें और ‘पक्का बिल’ अवश्य मांगें। पक्का बिल न केवल गारंटी है, बल्कि शिकायत की स्थिति में सबसे बड़ा सबूत भी है।”
खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं के लिए अभी डायल करें: 07771-299053 (जिला कृषि नियंत्रण कक्ष, एमसीबी)
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