मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में ‘उड़नदस्ता’ तैयार; बीज और खाद के अवैध भंडारण पर होगी सीधे जेल और लाइसेंस निरस्त की कार्रवाई
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेन्द्रगढ़। खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत के साथ ही अन्नदाताओं के हक पर डाका डालने वाले मुनाफाखोरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है। कलेक्टर एमसीबी (MCB) के सख्त निर्देशों के बाद, कृषि विभाग ने जिले में सक्रिय कालाबाजारी करने वालों और अवैध भंडारण करने वाले बिचौलियों पर लगाम कसने के लिए विशेष उड़नदस्ता टीम का गठन किया है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है—”किसान का हक छीनने वालों के लिए जेल की सलाखें तैयार हैं।”
कड़े कानूनों के तहत नपेंगे नियम तोड़ने वाले विक्रेता
उप संचालक कृषि ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जिले में उर्वरक, बीज और कीटनाशक की उपलब्धता सुचारू बनी रहे, इसके लिए सतत निगरानी की जा रही है। यदि कोई भी विक्रेता निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूलता है या स्टॉक की जानकारी छिपाता है, तो उसके विरुद्ध निम्नलिखित कठोर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी:
- उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985
- बीज अधिनियम 1966
- कीटनाशक अधिनियम 1968
इन कानूनों के तहत न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि संबंधित फर्म का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित या निरस्त करते हुए प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी।
गोपनीय सूचना पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी
प्रशासन ने अपनी रणनीति को और धार देते हुए सूचना तंत्र को मजबूत किया है। अब आम नागरिक या किसान सीधे अधिकारियों को कालाबाजारी की गोपनीय सूचना दे सकते हैं। प्राप्त शिकायतों पर बिना समय गंवाए त्वरित जांच और छापेमारी की जाएगी। विकासखंड स्तर पर होने वाले नियमित निरीक्षणों की साप्ताहिक समीक्षा सीधे उच्चाधिकारियों द्वारा की जाएगी।



किसानों के लिए जरूरी सलाह: “पक्का बिल है सुरक्षा की गारंटी”
प्रशासन ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे किसी भी बहकावे में न आएं और अपनी खेती-किसानी से जुड़ी सामग्री खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- अधिकृत विक्रेता: केवल लाइसेंसी दुकानों से ही सामग्री खरीदें।
- निर्धारित दर: एमआरपी (MRP) से एक भी रुपया ज्यादा न दें।
- पक्का बिल: हर खरीद पर पक्का बिल जरूर मांगें, क्योंकि यही अनियमितता के खिलाफ आपका सबसे बड़ा हथियार है।




