स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल का दिखने लगा असर, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति से स्वास्थ्य सेवाओं में आया बड़ा उछाल
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री माननीय श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों ने एमसीबी जिले के स्वास्थ्य परिदृश्य को बदलना शुरू कर दिया है। जिले में फिलहाल यह सुविधा 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में न केवल नेत्र रोगियों को नई दृष्टि मिल रही है, बल्कि आधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में सफल मोतियाबिंद ऑपरेशनों के साथ-साथ अब सोनोग्राफी की सुविधा भी सुचारू रूप से शुरू हो गई है, जिससे स्थानीय जनता को अब निजी केंद्रों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

सफल ऑपरेशन: अंधेरे से उजाले की ओर कदम
राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के तहत अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ ऑपरेशनों का सिलसिला जारी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के नेतृत्व में हाल ही में बड़ी सफलताएं हासिल की गई हैं:
- 01 फरवरी 2026: 08 मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया।
- 17 फरवरी 2026: 07 अन्य मरीजों का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया, जिन्हें 19 फरवरी को पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।
- विशेषज्ञों की टीम: इस मिशन को डॉ. मनोज सिंह, डॉ. भाषिता साहू और डॉ. अमित मिरे के साथ आर.डी दीवान, रीता मिश्रा, रीमा सिंह, किरण वर्मा, वर्षा श्रीवास्तव, रामकरण साहू और उनकी पूरी टीम ने अंजाम दिया।
सोनोग्राफी और सर्जरी में नया कीर्तिमान
अस्पताल को पी.सी.पी.एन.डी.टी एक्ट के तहत आधिकारिक लाइसेंस मिलने के बाद अब यहां जांच का दायरा बढ़ गया है:

- डॉ. प्रसंग श्रीवास्तव द्वारा रिकॉर्ड 30 सोनोग्राफी की गईं।
- डॉ. राजीव गुप्ता ने 15 मेजर और माइनर सर्जरी को सफलतापूर्वक संपन्न किया।
- अस्पताल में अब ई.एन.टी विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, सर्जन और अस्थि रोग विशेषज्ञों की स्थायी पदस्थापना हो चुकी है।
- प्रति सप्ताह: मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जाएंगे।
- प्रतिदिन: आम जनता के लिए सोनोग्राफी की सुविधा चालू रहेगी।
हमारा लक्ष्य है कि मनेंद्रगढ़ के हर नागरिक को घर के पास ही विशेषज्ञ चिकित्सा मिले। अब हर हफ्ते मोतियाबिंद के ऑपरेशन होंगे और प्रतिदिन सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध रहेगी।



— डॉ. अविनाश खरे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
स्वास्थ्य मंत्री की इस दूरगामी सोच और सीएमएचओ डाक्टर अविनाश खरे और डॉक्टरों की कर्मठता ने मनेंद्रगढ़ सिविल अस्पताल को क्षेत्र के एक भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है।




